क्राइमछत्तीसगढ़

देवभोग एवं फिंगेश्वर विकासखण्ड में बाल विवाह रूकवाया गया, जिला बाल संरक्षण समिति एवं पुलिस की कार्यवाही

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा

गरियाबंद : जिला बाल संरक्षण समिति गरियाबंद एवं देवभोग थाना पुलिस द्वारा बाल विवाह स्थल पर पहुंचकर रोकथाम व समझाईस दिया गया। प्राप्त सूचना अनुसार ग्राम कैंटपदर, विकासखण्ड देवभोग में 02 बाल विवाह होने की तैयारी चल रही थी। टीम द्वारा बाल विवाह स्थल पर पहुंच कर बालक एवं बालिका की आयु संबंधी दस्तावेज उनके माता-पिता व ग्रामीणजन के समक्ष जांच किया गया। बालिका एवं बालक की आयु अंकसूची के अधार पर 18 वर्ष से कम होना पाया गया।

बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006

इसी क्रम में सूत्रों के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम-परसट्ठी, विकासखंड फिंगेश्वर में 01 बाल विवाह होने की तैयारी चल रही थी। टीम द्वारा बाल विवाह स्थल पर पहुंच कर बालक की आयु संबंधी दस्तावेज उनके माता-पिता व ग्रामीणजन के समक्ष जांच किया गया। बालक की आयु अंकसूची के आधार पर 19 वर्ष 10 माह 14 दिन होना पाया गया। टीम द्वारा अग्रिम कार्यवाही करते हुये बालक एवं बालिका के माता-पिता व परिवार के अन्य सदस्यों को समझाईस दी गयी कि विवाह के लिये बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 अनुसार बालिका की आयु 18 वर्ष एवं लड़के की आयु 21 वर्ष पूर्ण होना चाहिये।

निर्धारित आयु से कम आयु में महिला/पुरूष का विवाह करने या करवाने की स्थिति में सम्मिलित व सहयोगी सभी लोग अपराध की श्रेणी मे आते है। जिन्हे 02 वर्ष तक का कठोर कारावास एवं 01 लाख रूपये तक जुर्माना हो सकता है अथवा दोनो से दण्डित किया जा सकता है। सभी लोग टीम की समझाईस पर अपनी सहमती जताई। फलस्वरूप बालक एवं बालिका के माता-पिता को बाल कल्याण समिति, गरियाबंद लाकर समझाईश दी गई। जिले में जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला बाल विकास गरियाबंद द्वारा माह नवम्बर 2020 में अभी तक 03 बाल विवाह रूकवाये गये।

यह कार्यवाही जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग के  जगरानी एक्का के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई से अनिल द्विवेदी जिला बाल संरक्षण अधिकारी की निगरानी में फणीन्द्र कुमार जायसवाल, संरक्षण अधिकारी (संस्थागत देखरेख) यशवंत ध्रुव (आउटरीचवर्कर) द्वारा पूर्ण की गई।

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