जानवरों की तरह बच्चों को ढोया जा रहा है मालवाहक में

-बेलगहना के शिशु मंदिर के है छोटे छोटे बच्चे

बिलासपुर।

निजी स्कूल संचालक किस तरह आपके छोटे छोटे बच्चों की जान जोखिम में डालते है इसका नजारा देखने को मिला रतनपुर बेलगहना मुख्यमार्ग पर जहां पर एक छोटे से तीन चक्के के मालवाहक वाहन में 22 बच्चों को जानवरों की तरह भरकर बेलगहना स्कूल से रतनपुर लाया गया और शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में शामिल होने के बाद वापस उसी तरह उन्हे रतनपुर से फिर बेलगहना भेजा गया.

इतना ही नही एक शिक्षिका को भी स्कूल प्रबंधक के द्वारा बच्चों के साथ ही मालवाहक वाहन में भेजा गया। पुरा मामला बेलगहना के सरस्वती शिशू मंदिर विघालय का है जहां के बच्चे को शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में शामिल होने रतनपुर जाना था पर सरस्वती शिशू मंदिर बेलगहना का स्कूल प्रबंधन उन्हे खेल में शामिल होने भेजने के लिये किसी प्रकार की कोई व्यवस्था नही की ब्लकि खेल में शामिल होने वाले 22 बच्चों को एक शिक्षिका की जवाबदारी में एक माल वाहक वाहन में बैठाकर बेलगहना से रतनपुर भेज दिया।

ऐसा भी नही की स्कूल प्रबंधक को नही मालूम की बेलगहना रतनपुर मार्ग में भारी वाहन लगातार दौड़ते है और तो और इस सड़क पर बड़े बड़े गढ्ढे हो गये है.

उसके बाद भी सभी चीजों को नजर अंदाज करते हुये तीन चक्के के माल वाहक वाहन में 22 बच्चों के साथ एक शिक्षिका को बैठाकर खेल खेलने के लिये भेज दिया।वही इस मार्ग में एक थाना और एक पुलिस चौकी भी पड़ी पर किसी ने भी इस वाहन को नही रोका ना ही कोई कार्यवाही की गयी।

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