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Children Day Spl: पूर्व पीएम पंडित नेहरू की याद में मनाया जाता है यह दिन

भारत को आजादी मिलने के बाद पंडित नेहरू ही देश के पहले प्रधानमंत्री

नई दिल्ली: आज के दिन 14 नवंबर को चिलड्रन डे (बाल दिवस) के रूप में मनाया जाता है। आज ही के दिन भारत के पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल की जयंती मनाई जाती है, जीसे बाल दिवस के रूप में भी मनाया जाता है।

जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में चुना गया

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल की जंयती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत को आजादी मिलने के बाद पंडित नेहरू ही देश के पहले प्रधानमंत्री बने थे। उन्हें बच्चों से बेहद लगाव था। बच्चों के अधिकार, देखभाल और शिक्षा के बारे में लोगों को पंडित नेहरू ने ही जागरुक किया जाता था और इसलिए उनके जन्मदिन को बाल दिवस के रूप में चुना गया।

उन्होंने विभिन्न शैक्षिक संस्थानों जैसे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान और भारतीय प्रबंधन संस्थान की स्थापना की थी। कब मिली थी इस दिन को मान्यताबाल दिवस की नींव 1925 में रखी गई थी, जिसके बाद 1953 में दुनिया भर में इसे मान्यता मिली।

यूएन ने 20 नवबंर को बाल दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की लेकिन यह अन्य देशों में अलग-अलग दिन मनाया जाता है। कई देशों में आज भी 20 नवंबर को बाल दिवस मनाया जाता है। 1950 से कई देशों में बाल संरक्षण दिवस (1 जून) पर ही बाल दिवस मनाया जाता है, जिसे वर्ल्ड चिल्ड्रन डे के नाम से जाना जाता है।

बच्चों के बेहतर भविष्य को पूरा करने की याद

यह दिन बच्चों के बेहतर भविष्य और उनकी मूल जरूरतों को पूरा करने की याद दिलाता है। इस भाषण को देकर बच्चों का मार्गदर्शन करें शिक्षक बाल दिवस की सभी विद्धार्थियों को शुभकामनाएं। आदरणीय पूर्व प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के जन्मदिन और बाल दिवस पर हम सभी यहां एकत्र हुए हैं।

बच्चों के विकास और कल्याण के लिए काम करने वाले नेहरू जी को आज सारा देश याद कर रहा है। आज हम आपके साथ कुछ शेयर करना चाहते हैं। बचपन जीवन का आनंददायक चरण होता है और साथ ही इसे एक संवेदनशील चरण भी माना जाता है।

मार्गदर्शन करने के लिए प्रेरित

आज के समय में बच्चों के खिलाफ कई अपराध हो रहे हैं। हम और आप सभी को जीवन में हर पल पर सावधान रहना चाहिए चाहे आप घर पर हो या स्कूल में हों ।आपको हमेशा याद रखना चाहिए कि हम आज यहां हैं क्योंकि आप सभी ने आपको सभी को मार्गदर्शन करने के लिए प्रेरित किया है।

शिक्षक केवल ज्ञान होने के कारण शिक्षक नहीं बनते बल्कि छात्र भी हमारे जीवन में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आप समझते हैं कि हम आपके लिए क्या महत्व रखते हैं। हमें कहते हुए गर्व है कि यहां मौजूद प्रत्येक छात्र में कुछ ना कुछ क्षमताएं छिपी हैं जिन्हें आपको पहचानना चाहिए और आगे बढ़ना चाहिए।

बच्चों के लिए स्पीचआदरणीय प्रधानाचार्य जी, अध्यापक व अध्यापिकाएं और मेरे प्यारे साथियों को बाल दिवस की शुभकाममाएं। चाचा नेहरू के जन्मदिन पर हमें उनके पदचिन्हों पर चलने की कोशिश करनी चाहिए और देश को आगे बढ़ाने में योगदान देना चाहिए।

उन्होंने इस देश को विकसित बनाने के लिए बच्चों की शिक्षा, अधिकारों और उनके विकास का सपना देखा था। वह हमेशा कठिन परिश्रम करने के लिए बच्चों को प्रेरित करते थे। बच्चों को उनके संपूर्ण अधिकार प्राप्त हो सके इसके लिए उन्होंने बहुत परिश्रम किए। हमें उनके योगदान को याद रखना चाहिए।

ऐसा था नेहरू जी का बच्चों के लिए प्रेम

नेहरू जी के बाल प्रेम की एक कहानी है। एक बार वह अपने घर के बगीचे में टहल रहे थे। तभी एक छोटे बच्चे के रोने की आवाज आई। उन्होंने देखा तो दो माह का बच्चा दिखाई दिया। नेहरूजी ने सोचा- इसकी मां कहां होगी? कहीं कोई नजर नहीं आया।

नेहरूजी सोच ही रहे थे कि बच्चा तेज रोने लगा। इस पर उन्होंने उस बच्चे को उठाकर बांहों में लिया और उसे थपकियां दीं, झुलाया तो बच्चा चुप हो गया और मुस्कुराने लगा। बच्चे की मां ने जब प्रधानमंत्री की गोद में अपने बच्चे को देखा तो आंखों से आंसू निकल आए।

प्यार और स्नेह के कारण चाचा पुकारे जाते थे

पंडित जवाहरलाल नेहरू बच्चों के सच्चे दोस्त थे। उन्हें बच्चों के साथ बातें करना और खेलना बहुत पसंद था। वह भारत के प्रधान मंत्री थे लेकिन देश के प्रति अपनी सभी राजनीतिक जिम्मेदारियों का पालन करते हुए बच्चों के बीच रहना पसंद करते थे। वह बहुत कोमल दिल के व्यक्ति थे, हमेशा बच्चों को देशभक्त और खुशहाल नागरिक होने के लिए प्रेरित करते थे। बच्चे उन्हें प्यार और स्नेह के कारण चाचा नेहरू कहकर पुकारते थे।

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