जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर बच्चे,कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा

संरपच और शिक्षकों ने अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की

राजशेखर नायर

धमतरी/नगरी। नगरी विकासखंड का ये स्कूल जो आज भी अधिकारियों के आश्वासन के भरोसे ही चल रहा है। 1964 में इस शासकीय प्राथमिक शाला भवन का निर्माण हुआ था।

54 साल बीत जाने के बाद आजतक स्कूल का मरम्मत तक नहीं हो पाया है। इस वजह से स्कूल पूरी तरह से जर्जर हो चूका है।

वहीं अपनी जान जोखिम में डालकर पहली से पांचवी तक के 65 बच्चे व 3 शिक्षक इस जर्जर स्कूल में पढ़ने को मजबूर है। जहां बारिश में छत्त से पानी टपक रहा है,तो दूसरी और खपरे के टुकड़े भी गिरते रहते है,जिससे कभी भी बड़ा हादसा होने का डर है।

स्कूल भवन के मरम्मत को लेकर कई बार संरपच और शिक्षकों ने अधिकारियों से इस मामले की शिकायत की,लेकिन अधिकारियों की ओर से सिर्फ आश्वासन तक दिया जा रहा है। आश्वासन के अलावा ओर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जा रही है।

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