छत्तीसगढ़

बाल चौपाल में बच्चों ने जाना बैड टच-गूड टच

सोमनी में छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग ने किया आयोजन कलेक्टोरेट सभाकक्ष में ली आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने बैठक

राजनांदगांव: ग्राम सोमनी में आयोजित बाल चौपाल में बच्चों ने गूड टच और बैड टच का अंतर जाना। छत्तीसगढ़ बाल संरक्षण आयोग की अध्यक्ष प्रभा दुबे ने बाल चौपाल में बच्चों को बताया कि अगर कोई बैड टच करता है तो जोर से चिल्लाएँ। इसके संबंध में अपने शिक्षकों को अवगत कराएं, अपने माता-पिता को अवगत कराएं। बाल चौपाल में उन्होंने आयोग के द्वारा किए जा रहे कार्यों के बारे में बताया। दुबे ने बताया कि आयोग द्वारा स्कूलों में शिकायत पेटी लगाई जा रही है। इस शिकायत पेटी में बच्चे अपनी शिकायत कर सकेंगे।

बच्चों का नाम जाहिर किए बगैर आयोग इसकी जाँच करेगा। उन्होंने बताया कि आयोग ने एक मोबाइल ऐप भी बनाया है। इसका नाम मेरी आवाज है। यह ऑनलाइन शिकायत प्रणाली है। इसमें बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन होने पर शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। अध्यक्ष ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक भी ली। राजनांदगांव जिले में बाल संरक्षण से संबंधित कार्यों की जानकारी ली, उन्होंने विभिन्न विभागीय अधिकारियों से उनके द्वारा बाल संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।

अधिकारियों ने बताया कि उनके द्वारा नियमित रूप से ऐसे जगहों की मानीटरिंग की जाती है जहाँ बाल श्रम कराने की आशंका होती है। अध्यक्ष ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम जिम्मेदारी है। इसके लिए स्कूलों में, छात्रावासों में नियमित मानीटरिंग जरूरी है। अधिकारी बच्चों से मिलें, उनसे काउंसिलिंग करें। निजी शिक्षा संस्थानों में सीसीटीवी कैमरा आदि की उपलब्धता के संबंध में जानकारी लें। यहाँ बाल अधिकार के लिए बनाये गये कानूनों का अनुपालन सुनिश्चित करें। बच्चों के अधिकार के संबंध में शासन ने जो कानून बनाये हैं।

बच्चों को जो सुविधाएँ दी जा रही हैं उनका अधिकाधिक प्रचार-प्रसार करें। उन्होंने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए जो नवाचार उपयोगी हैं उन्हें विभाग आरंभ कराएँ। इस संबंध में आयोग को भी सूचित करें ताकि इन नवाचारों को प्रदेश स्तर तक आरंभ किया जा सके। समीक्षा के पश्चात अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें खुशी हुई कि राजनांदगांव जिले में विभिन्न विभागों के समन्वय से बाल संरक्षण की दिशा में अच्छा काम हो रहा है।

उन्होंने कहा कि बच्चों के समग्र विकास के लिए बाल संरक्षण आयोग द्वारा बाल चौपाल की पहल की गई है। इसे नियमित रूप से ग्रामीण क्षेत्र में करें ताकि बच्चों और उनके पालकों में बच्चों के अधिकारों के संबंध में अधिकाधिक जागरूकता फैल सके। आज की बैठक में आयोग की सदस्य मीनाक्षी तोमर एवं अपर कलेक्टर जेके धु्रव भी मौजूद थे।

congress cg advertisement congress cg advertisement
Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.