अंतर्राष्ट्रीय

चीन इस मुद्दे पर दिया भारत को आश्वासन

दोनों देशों के बीच हुई वार्ता में, चीन ने भारत और चीन सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने आश्वासन दिया है।

दोनों देशों के बीच हुई वार्ता में, चीन ने भारत और चीन सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच भारत के साथ व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने आश्वासन दिया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान जारी कर बताया कि दोनों देशों के बीच व्यापार घाटा ( आयात और निर्यात) को लेकर भारत के हितों का ख्याल रखा जाएगा।

संयुक्त आर्थिक समूह की बैठक में दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ाने को लेकर सोमवार को विभिन्न मुद्दों पर बातचीत हुई। चीन के वाणिज्य मंत्री झोंग शान और केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने बैठक में हिस्सा लिया। जिसमें भारत और चीन के बीच निवेश को बढ़ाने के लिए बातचीत हुई।

दरअसल, गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के विरुद्ध व्यापार और तकनीकी चोरी के लिए आर्थिक हर्जाने में 60 अरब डॉलर वार्षिक शुल्क लगाने का ऐलान किया था।

अमेरिकी प्रशासन का मानना है कि चीन ने उनकी कंपनियों की अरबों की कमाई को लूटकर हजारों नौकरियों को समाप्त कर दिया है। ट्रंप ने चीन पर लगाए शुल्क की घोषणा करते हुए कहा जैसे को तैसा। अमेरिकी राष्ट्रपति के इस कदम को लेकर वैश्विक व्यापार में तनाव बढ़ने की आशंका है।

अमेरिका का यह अब तक का सबसे कड़ा कदम माना जा रहा है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता राज शाह ने बताया कि यह प्रतिबंध अमेरिकी बौद्धिक संपदा की चोरी के मामले में लगाए गए हैं।

चीन अमेरिकी कंपनियों को अपनी सरकारी कंपनियों के साथ तकनीकी को साझा करने के लिए मजबूर कर रहा है। वहीं ट्रंप प्रशासन ने इससे निपटने के लिए चीन के साथ होने वाले स्टील और एल्युमीनियम आयात पर 100 से अधिक श्रेणियों में चीनी निवेश पर लगाम लगाएगा। इनमें जूते और कपड़े से लेकर इलेक्ट्रॉनिक जैसी वस्तु भी शामिल हैं।

इसके लिए अमेरिकी राष्ट्रपति अपने वित्त मंत्रालय को एक निर्देश जारी करेंगे। जिससे चीन द्वारा किए जा रहे शोषण पर रोक लगाई जा सके।

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