चीन ने समुद्र में बनाया 55 किलोमीटर का पुल, लागत 150 करोड़ से ज्यादा की

नई दिल्ली : चीन के इंजीनियरों ने समुद्र के ऊपर दुनिया का सबसे लंबा पुल बनाकर दुनिया को चौका दिया है। इस पुल पर एक तरफ जहां सड़क है वहीं अंडर-वाटर टनल यानी पानी के भीतर सुरंग भी। हांगकांग, मकाऊ और चीन के बीच बना यह पुल 55 किलोमीटर यानी लगभग 34 मील लंबा है। इसी हफ्ते चीनी सरकार ने पिछले 9 वर्षों से बन रहे इस पुल के नज़ारा दुनिया को दिखाया हैं। हालांकि चीनी अधिकारियों ने अभी यह नहीं बताया है कि आधिकारिक रूप से इस पुल का उद्घाटन कब होगा।

पुल में 7 किलोमीटर की सुरंग भी

समुद्र के ऊपर बने इस पुल में सड़क के अलावा 7 किलोमीटर की सुरंग भी है, जो पानी के भीतर के सफर का मजा देगी। इस पुल को बनाने में जितने स्टील का इस्तेमाल हुआ है उससे 60 एफिल टावर बनाए जा सकते हैं। यह पुल दक्षिणी चीन के शहर जुहाई से हांगकांग और मकाऊ को जोड़ेगा। हालांकि इस पुल को 2017 में ही पूरा होना था, लेकिन निर्माण संबंधी दिक्कतों और कुछ विवादों की वजह से यह पुल इस साल शुरू होगा।

120 साल तक कार्यरत रहेगा ये पुल

समुद्र के ऊपर 55 किलोमीटर पुल बनाने वाली कंस्ट्रक्शन कंपनी के विशेषज्ञों के अनुसार निर्माण की दृष्टि से यह पुल कम से कम 120 साल तक कार्यरत रहेगा। साथ ही अभी इस रास्ते से होने वाले व्यापार में लगने वाले समय को 60 प्रतिशत तक कम कर देगा। पुल के शुरू हो जाने के बाद 3 घंटे की दूरी मात्र 30 मिनटों में पूरी की जा सकेगी। पुल के निर्माण में 4 लाख 20 हजार टन स्टील का इस्तेमाल हुआ है, जिससे 60 एफिल टावर और खड़े किए जा सकते हैं।

150 करोड़ से ज्यादा की लागत

पुल को बनाने में 15 बिलियन डॉलर यानी 150 करोड़ रुपए से ज्यादा की लागत आई है। वहीं पुल के लिए समुद्र के भीतर 7 किलोमीटर लंबा सुरंग बनाने में 80 हजार टन पाइप का इस्तेमाल किया गया है। पुल के प्रोजेक्ट प्लानिंग मैनेजर गाओ शिंगलिन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि समुद्र के भीतर सुरंग बनाने के दौरान उनकी रातों की नींद हराम हो गई थी। इस प्रक्रिया में इतनी अधिक कठिनाई और उलझनें थीं वे और उनकी इंजीनियरिंग टीम के साथी कई रातों तक ठीक से सो नहीं पाए थे।

advt
Back to top button