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चीन ने गलवान घाटी में अपनी गतिविधियां काफी पहले से कर कर दी थीं तेज

भारत और चीन की सेनाओं के बीच हाल में हुआ संघर्ष 1967 के बाद से सबसे गंभीर

बीजिंग: पूर्वी लद्दाख की गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने से करीब एक हफ्ते पहले से चीनी सेना ने इलाके में अपनी गतिविधियों को तेज कर दिया था.

सैटेलाइट तस्वीरों के सामने आने के बाद यह सवाल भी खड़ा हो गया है कि क्या चीन लद्दाख की घटना को पहले से अंजाम देने की तैयारियों में जुटा था? गलवान घाटी रणनीतिक रूप से भारत के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह अक्साई-चिन से सटी हुई है. सैटेलाइट तस्वीरें अर्थ-इमेजिंग कंपनी प्लैनेट लैब्स द्वारा खीचीं गई हैं.

एक विशेषज्ञ के मुताबिक, इन तस्वीरों से पता चलता है कि चीन घाटी के परिदृश्य को बदलने में लगा है. वहां ट्रैक चौड़े किये जा रहे हैं, साथ ही ऐसा लगता है जैसे नदी पर पुल का निर्माण किया जा रहा है. चीन ने इस इलाके में बुल्डोजर भी तैनात किये हैं, जिससे उसकी मंशा का अंदाजा लगाया जा सकता है.

कैलिफोर्निया के मिडलबरी इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज में ईस्ट एशिया नॉन प्रोलिफरेशन प्रोग्राम के निदेशक ने कहा, ‘ऐसा लगता है कि चीन घाटी में सड़कों का निर्माण कर रहा है और संभवतः नदी को नुकसान पहुंचा रहा है’.

गौरतलब है कि भारत और चीन की सेनाओं के बीच हाल में हुआ संघर्ष 1967 के बाद से सबसे गंभीर है. मई की शुरुआत से ही दोनों देशों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था, जो बीते सोमवार को हिंसक झड़प में तब्दील हुआ.

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