सोहिल की जीत से चीन को झटका, भारत को होगा फायदा

भारत को बिगड़े संबंधों को सुधारने का एक बड़ा मौका मिला

मालदीव :

मालदीव में सोमवार को अपने नए राष्ट्रपति का चुनाव कर लिया है। यहां विपक्षी उम्मीदवार इब्राहिम मोहम्मद सोहिल ने निवर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन गयूम को हरा दिया।

सोहिल की जीत के साथ ही भारत को बिगड़े संबंधों को सुधारने का एक बड़ा मौका मिल गया है। मालदीव में राजनीतिक समीकरण पूरी तरह पलट गए हैं।

ऐसे में ये नतीजे चीन के लिए किसी झटके से कम नहीं हैं। दूसरे देशों की तरह चीन यहां भी कर्ज का बोझ लादकर देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप कर रहा है।

बता दें कि निवर्तमान राष्ट्रपति अब्दुल्ला यामीन के कार्यकाल में भारत से संबंध कई बार तनावपूर्ण हो गए थे। माना जा रहा था कि यह सब चीन से प्रभावित फैसले थे।

सोमवार को जैसे ही तस्वीर साफ हुई कि मालदीव में प्रजातंत्र की वापसी हो गई है। इधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने तुरंत नतीजों का स्वागत किया।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर इब्राहिम मोहम्मद को जीत की बधाई दी। इस पर इब्राहिम ने भी उनका शुक्रिया अदा किया।

विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत उम्मीद करता है कि वहां का चुनाव आयोग जल्द से जल्द आधिकारिक रूप से नतीजों की पुष्टि करेगा।

बयान में कहा गया कि यह चुनाव मालदीव में सिर्फ लोकतांत्रिक ताकतों की जीत को ही नहीं दर्शाता, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और कानूनी शासन की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

साथ ही भरोसा दिलाया गाय कि पड़ोसी प्रथम की नीति को ध्यान में रखते हुए, मालदीव के साथ संबंध और बेहतर होंगे।

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