‘चोरी और नकली’ टेक्नोलॉजी से बने हैं चीन के फाईटर जेट

ढेर करने के लिए भारत ने एक्टिव किया ये डिफेंस सिस्टम

नई दिल्ली। रूस से खरीदे गये सुखोई फाइटर जहाजों को अपवाद मान लिया जाये तो चीन के अपने बनाये हुए तथाकथित चौथी पीढ़ी का एफसी 21 और पांचवी पीढ़ी का स्टील्थ जेट शेनजांग भी चोरी की डिजाइन और नकल पर आधारित टेक्नोलॉजी से बनाये गये हैं। इसलिए इंडियन एयरफोर्स के लड़ाकू जहाजों के सामने टिकपाना मुश्किल नहीं नामुमकिन है फिर भी भारतीय सेना ने चीन से लगती एलएसी पर सरफेस टू एयर मिसाइल ‘आकाश’ की तैनाती कर दी है।

चीन के सर्विलांस एयरक्राफ्ट LAC के बेहद पास तक उड़ते देखे गए

हाल के दिनों में चीन के सर्विलांस एयरक्राफ्ट LAC के बेहद पास तक उड़ते देखे गए हैं। पीपुल्‍स लिबरेशन आर्मी (PLA) एयरफोर्स पर नजर रखने और किसी भी हरकत का फौरन माकूल जवाब देने के लिए भारतीय वायुसेना (IAF) ने मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम तैनात कर दिया है। अब पूरे सेक्‍टर में ऐडवांस्‍ड क्विक रिएक्‍शन वाला सरफेस-टू-एयर मिसाइल डिफेंस सिस्‍टम मौजूद है जो PLAAF के किसी भी फाइटर जेट को कुछ सेकेंड्स में तबाह कर सकता है।

इंडियन आर्मी और इंडियन एयरफोर्स

पिछले दो हफ्तों में चीनी एयरफोर्स ने सुखोई-30 और अपने स्‍ट्रेटीजिक बॉम्‍बर्स को LAC के पीछे तैनात किया है। उन्‍हें LAC के पास 10 किलोमीटर के दायरे में उड़ान भरते देखा गया है। जिसके बाद एयर डिफेंस सिस्‍टम की तैनाती का फैसला हुआ। सरकारी सूत्रों ने एएनआई से कहा, ‘सेक्‍टर में बढ़ते बिल्‍ड-अप के बीच, इंडियन आर्मी और इंडियन एयरफोर्स, दोनों के एयर डिफेंस सिस्‍टम तैनात कर दिए गए हैं ताकि चीनी एयरफोर्स या PLA चॉपर्स की किसी गलत हरकत से निपटा जा सके।’

पूर्वी लद्दाख सेक्‍टर में IAF के फाइटर एयरक्राफ्ट्स पहले से ही काफी सक्रिय हैं

आर्मी ने पूर्वी लद्दाख में ‘आकाश’ मिसाइल भी भेजी है जो किसी भी तेज रफ्तार एयरक्राफ्ट या ड्रोन को सेकेंड्स में खाक कर सकती है। इसमें कई मॉडिफिकेशंस और अपग्रेड किए गए हैं ताकि इसे पहाड़ी इलाकों में भी उसी एक्‍युरेसी के साथ यूज किया जा सके। भारत को जल्‍द ही रूस से S-400 मिलने वाला है। उसके बाद भारत पूरे इलाके की आसानी से हवाई निगरानी कर सकता है। पूर्वी लद्दाख सेक्‍टर में IAF के फाइटर एयरक्राफ्ट्स पहले से ही काफी सक्रिय हैं।

कोई इलाका सुरक्षा बलों की नजर से अछूता नहीं है

चीनी एयरक्राफ्ट्स को भारतीय LAC के बेहद पास उड़ते देखा गया है। यह पैटर्न उन सभी इलाकों में है जहां भारत और चीन के बीच इस वक्‍त तनाव की स्थिति है। चाहे वह सब सेक्‍टर नॉर्थ (दौलत बेग ओल्‍डी सेक्‍टर) हो या गलवान घाटी का पैट्रोलिंग पॉइंट 14, 15, 17 और 17A (हॉट स्प्रिंग्‍स)। इसके अलावा पैंगोंग त्‍सो और फिंगर एरिया के पास भी चीनी सेना के विमान उड़ते नजर आए हैं। भारत ने सर्विलांस में जो कमी थी, उसे दूर कर लिया है और अब कोई इलाका सुरक्षा बलों की नजर से अछूता नहीं है।

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