अंतर्राष्ट्रीय

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में दुनिया को बहुत पीछे छोड़ देगा चीन

चीन जिस तरह से तेजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विकास कर रहा है उससे अमेरिका समेत दुनिया के तमाम दिग्गज देश चिंतित हैं। क्योंकि माना जा रहा है कि चीन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल अपनी ताकत बढ़ाने के लिए कर सकता है।

एक रिपोर्ट अनुसार चीन बड़े पैमाने पर कम्प्यूटरों का जखीरा तैयार कर रहा है। हजारों इंजीनियर मशीनों में कोडिंग करने जुटे हैं। अभी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के मामले में अमेरिका नाम सबसे आगे आता है लेकिन आने वाले कुछ ही सालों में चीन दुनिया के सभी देशों को पीछे छोड़ देगा।

चीन बहुत तेजी के साथ क्लाउड कम्प्यूटिंग की क्षमता बढ़ा रहा है जिससे कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर शोध किया जा सके।

खबरों के अनुसार, पिछले हफ्ते ही चीन ने एक महत्वाकांक्षी योजना का ऐलान किया है। योजना के अनुसार अगले 10 सालों में चीन एआई टेक्नोलॉजी में तेज गति से विकास करने लगेगा। इतना ही 2030 तक वह एआई क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर दुनिया का बेताज बादशाह बन जाएगा।

एआई में पैटेंट के आवेदन चीन में 2010 से 2014 के बीच में तीन गुना हो गए हैं। अभी में चीन में 700 मिलियन यानी 70 करोड़ स्मार्टफोन यूजर्स हैं। यह संख्या दुनिया के किसी भी देश से ज्यादा है। चीन की कई कंपनियां भी अपने यूजर्स को बेस्ट टेक्नोलॉजी का अनुभव कराने के लिए प्रयासरत हैं। चीन योजना 2030 तक एआई में दुनिया का सबसे शक्तिशाली देश बनने की है।
चीन की योजना भारत के लिए भी चिंता का विषय है क्योंकि तकनीकी रूप में बहुत आगे बढ़ने से चीन भारत की साइबर सिक्यूरिटी के खतरा बन सकता है।

Tags
Back to top button