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मालदीव समुद्री इलाके में चीनी नौसेना ने किया शक्ति प्रदर्शन

नई दिल्ली : मालदीव में चल रहे घरेलू राजनीतिक उथलपुथल के बीच चीनी नौसेना के 11 अग्रणी युद्धपोतों के पूर्वी हिंद महासागर के इलाके में घुसने की रिपोर्टें हैं जिनकी जानकरी खुद चीन की एक समाचार वेबसाइट ने दी है। चीनी नौसेना द्वारा अपने नौसैनिक युद्धपोतों के काफिले को मालदीव के समुद्री इलाके में भेजने की रिपोर्टें तब आई हैं जब मालदीव में आपातकाल को एक महीने के लिए बढ़ाने की सिफारिश संसद की एक समिति ने की है।

अब्दुल्ला यामीन सरकार द्वारा एक महीने के लिए आपातकाल बढ़ाने के प्रस्ताव को संज्ञान में लेते हुए भारत ने कहा है कि मालदीव आपातकाल को नहीं बढ़ाए और जनतंत्र को बहाल करे।

यहां राजनयिक सूत्रों का कहना है कि चीनी नौसेना ने अपने इन युद्धपोतों को 15 दिनों पहले आपातकाल लगाने के तुरंत बाद तब रवाना किया था जब वहां भारत के सैन्य हस्तक्षेप की शंका जाहिर की जा रही थी और चीन ने भारत को ऐसा न करने की चेतावनी दी थी। यहां राजनयिक प्रेक्षकों के मुताबिक चीनी नौसेना द्वारा अपने बड़े युद्धपोतों के इतने बड़े काफिले को भेजने से हिंद महासागर में भारत के साथ नए सिरे से तनाव विकसित हो सकता है। सूत्रों का कहना है कि चीनी नौसेना के युद्धपोतों पर भारतीय नौसेना ने कड़ी निगाह रखी हुई है। सूत्रों के मुताबिक चीन हिंद महासागर में शक्ति प्रदर्शन कर रहा है ताकि भारत मालदीव में किसी तरह का हस्तक्षेप नहीं करे।

चीनी समाचार वेबसाइट ने जानकारी दी है कि चीनी नौसैनिक काफिले में हमलावर हेलीकाप्टरों वाले विध्वंसक पोतों के अलावा एक फ्रिगेट भी शामिल है। इनके साथ 30 हजार टन विस्थापन क्षमता वाला एम्फीबियस युद्धपोत और तेल सप्लाई करने वाले तीन सपोर्ट टैंकर भी साथ चल रहे हैं। एम्फीबियस पोत को भी भेजने का यह मलतब निकाला जा रहा है कि चीन मालदीव की धरती पर अपने लड़ाकू सैनिकों को उतारने के लिए तैयार हो चुका है।

चीनी वेबसाइट ने यह भी टिप्पणी की थी कि यदि आप चीनी नौसेना और भारतीय नौसेना को देखें तो दोनों के बीच खाई अधिक नहीं लगती। चीनी वेबसाइट ने यह नहीं कहा है कि चीनी नौसैनिक काफिला कब और कितने दिनों के लिए पूर्वी हिंद महासागर मे तैनाती के लिए भेजा गया है।

उल्लेखनीय है कि मालदीव के समुद्री इलाके में भारतीय नौसैनिक युद्धपोत भी विचरण करते रहते हैं और जब पिछले पखवाड़े राष्ट्रपति यामीन ने सुप्रीम कोर्ट का आदेश नहीं मानते हुए आपातकाल लगाया था तब अटकलें चल रही थीं कि भारतीय सेनाओं को चौकस कर दिया गया है। लेकिन भारत ने इन अटकलों को गलत बताया था।

दूसरी ओर गत शुक्रवार को मालदीव की नौसेना के साथ चल रहे सहयोग को दर्शाने के लिए चीनी नौसेना ने अपनी वेबसाइट पर तस्वीरें जारी कर यह जानकारी दी थी कि चीनी नौसेना मालदीव के नौसैनिकों को राहत व बचाव कार्य की ट्रेनिंग दे रही है।

मालदीव में आपातकाल को एक महीना के लिए बढ़ाने की रिपोर्टों के बीच विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा है कि पांच फरवरी को लागू आपातकाल की मियाद मंगलवार शाम को समाप्त हो रही है। भारत यह उम्मीद करता है कि मालदीव की सरकार आपातकाल को बढ़ाने का फैसला नहीं लेगी ताकि देश में राजनीतिक प्रक्रिया तुरंत बहाल हो सके।

प्रवक्ता ने कहा कि आपातकाल को वापस लेने के बाद न्यायपालिका सहित जनतांत्रिक संस्थाओं को अपना काम निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से करने दिया जाए। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मालदीव के सुप्रीम कोर्ट ने एक फरवरी को जो आदेश जारी किया था उसे पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए। यह जरूरी है कि मालदीव तुरंत जनतंत्र की राह पर लौटे और कानून का शासन बहाल करे ताकि मालदीव के लोगों की आकांक्षाएं पूरी हों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं दूर हो सके।

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