Chocolate Day 2019: जानिए कब और कैसे आई ये Sweet-Sweet चॉकलेट

चॉकलेट का इतिहास 4000 साल पुराना है। कहते है इसकी खोज पहली बार अमेरीका में हुआ है। क्योंकि पहले वहीं कोको के वृक्ष पाएं जाते थे।

आज वैलेंनटाइन वीक का तीसरा दिन चॉकलेट डे मनाया जा रहा हैं। जो कि काफी खास है। इस दिन अपने प्यार का इजहार चॉकलेट से मुंह मीठा करके कराया जाता है।

दो प्रेमी जोड़े एक दूसरे को प्यार से चॉकलेट गिफ्ट में देते हैं और अपना हाल-ए-दिल बयां करते हैं। दरअसल चॉकलेट हर किसी का फेवरेट स्वीट डिश होता है इसलिए इसे हर सेलेब्रेशन में शामिल किया जाता है।

तो ऐसे में वैलेंटाइन में भी इसका खास महत्व है। लेकिन जिस चॉकलेट को आप इतने चाव से खाते हैं, क्या आप इसके इतिहास से भली भांति परिचित है। चॉकलेट के पीछे भी एक इतिहास हैं। इसे कब और कैसे बनाया गया। कहां इसकी खोज पहली बार हुई। आइए जानते हैं इससे जुड़ा इतिहास-

पहली बार अमेरीका में हुई खोज

चॉकलेट का इतिहास 4000 साल पुराना है। कहते है इसकी खोज पहली बार अमेरीका में हुआ है। क्योंकि पहले वहीं कोको के वृक्ष पाएं जाते थे। इस पेड़ की फलि‍यों में जो बीज होते थे उनसे चॉकलेट बनाई जाती थी। सबसे पहले चॉकलेट बनाने वाले लॉग मैक्‍सि‍को और मध्‍य अमेरि‍का के थे।

1528 में स्‍पेन ने जब मैक्‍सि‍को पर कब्‍जा कि‍या तो वहाँ का राजा भारी मात्रा में कोको के बीजों और चॉकलेट बनाने के यंत्रों को अपने साथ स्‍पेन ले गया। जल्‍दी ही स्‍पेन में चॉकलेट रईसों का फैशनेबल ड्रिंक बन गया।

इटली के एक यात्री फ्रेंसि‍स्‍को कारलेटी ने सबसे पहले चॉकलेट पर स्‍पेन के एकाधि‍कार को खत्‍म कि‍या. उसने मध्‍य अमेरि‍का के इंडि‍यंस को चॉकलेट बनाते देखा और अपने देश इटली में भी चॉकलेट का प्रचार प्रसार कि‍या. 1606 तक इटली में भी चॉकलेट प्रसि‍द्ध हो गई।

फ्रांस ने 1615 में ड्रिंकिंग चॉकलेट का स्‍वाद चखा. फ्रांस के लोगों को यह स्‍वास्‍थ्‍य की दृष्टि बहुत लाभदायक पदार्थ लगा। इंग्‍लैंड में चॉकलेट की आमद 1650 में हुई।

अभी तक लोग चॉकलेट को पीते थे। एक अंग्रेज डॉक्‍टर सर हैंस स्‍लोने ने दक्षि‍ण अमेरि‍का का दौरा कि‍या और खाने वाली चॉकलेट की रेसि‍पी तैयार की। सोचि‍ए एक डॉक्‍टर और चॉकलेट की रेसि‍पी. कैडबरी मि‍ल्‍क चॉकलेट की रेसि‍पी इन्‍हीं डॉक्‍टर ने बनाई.

चॉकलेट को मीठा बनाने का श्रेय है यूरोप के पास

आपको जानकार आश्चर्य होगा की पहले चॉकलेट तीखी हुआ करती थी और पी जाती थी। अमरि‍का के लोग कोको बीजों को पीसकर उसमें वि‍भि‍न्‍न प्रकार के मसाले जैसे चि‍ली वॉटर, वनीला, आदि डालकर एक स्‍पाइसी और झागदार तीखा पेय पदार्थ बनाते थे।

चॉकलेट को मीठा बनाने का श्रेय यूरोप को जाता है जि‍सने चॉकलेट से मि‍र्च हटाकर दूध और शक्‍कर डाली. चॉकलेट को पीने की चीज से खाने की चीज भी यूरोप ने ही बनाया.

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