आकांक्षी जिलों के विकास में सहभागी बनेगा सीआईआई

-डॉ. रमन सिंह ने भारतीय उद्योग परिसंघ के क्षेत्रीय सम्मेलन को सम्बोधित किया

रायपुर।

मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सी.आई.आई.) द्वारा छत्तीसगढ़ के 10 आकांक्षी जिलों के विकास के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करने के प्रस्ताव का स्वागत किया है। उन्होंने कहा की औद्योगिक संगठनों की यह संस्था अगर ऐसे जिलों में गरीबों, वनवासियों की बेहतरी के लिए काम करना चाहती है तो यह एक शुभ संकेत है ।

मुख्यमंत्री आज यहां भारतीय उद्योग परिसंघ के सदस्यों के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं के समन्वय से और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के सी एस आर फंड तथा जिला खनिज न्यास निधि से पिछड़े जिलों के विकास के काम कर रही है। सीआईआई आकांक्षी जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य ,पेयजल, स्वच्छता, बिजली और अधोसंरचना निर्माण के साथ आजीविका के क्षेत्र में अपना योगदान दे सकती है।

डॉ. सिंह ने सम्मेलन में बताया कि देश के 115 आकांक्षी जिलों में विकास कार्यों के मामले में छत्तीसगढ़ का बीजापुर जिला अग्रणी और मॉडल जिला है । इसी कारण से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बीजापुर के दौरे पर आये थे। उन्होंने दंतेवाड़ा सुकमा और बीजापुर की एजुकेशन सिटी के बारे में भी सम्मेलन में जानकारी दी । उन्होंने कहा कि आदिवासी अंचलों के बच्चों की शिक्षा की ऐसी सुविधा प्रदेश के विकसित जिलों में भी नहीं है ।

उन्होंने सम्मेलन में लिए गए इस निर्णय का भी स्वागत किया कि पिछड़े जिलों के विकास के लिए काम करने वाली सीआईआई की केंद्रीय कमेटी के सदस्य जाकर दंतेवाड़ा के विकास मॉडल का अध्ययन करना चाहते हैं । उन्होंने समिति के सदस्यों को दंतेवाड़ा के भ्रमण का आमंत्रण भी सम्मेलन में दिया ।

उन्होंने कहा कि जब अमीर धरती के गरीब लोगों के जीवन में परिवर्तन आता है , तभी सही मायने में विकास होता है ।

डॉ सिंह ने पिछले 18 वर्षों में छत्तीसगढ़ में हुए विकास के कामों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रदेश के 65 लाख परिवारों को खाद्य और पोषण सुरक्षा का अधिकार , कौशल उन्नयन का अधिकार और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य रक्षा योजना के अंतर्गत 55 लाख परिवारों को पचास हजार तक के निशुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है डॉ सिंह ने सम्मेलन में कहा कि छत्तीसगढ़ पूंजी निवेश के लिए एक आदर्श राज्य है। भारतीय रिजर्व बैंक ने छत्तीसगढ़ को सबसे बेहतर वित्तीय प्रबंधन वाला राज्य बताया है ।

मुख्यमंत्री ने कहा – यहां प्रचुर मात्रा में प्राकृतिक संसाधन, कुशल मानव संसाधन, 24 घंटे गुणवत्तापूर्ण बिजली की उपलब्धता, भूमि की उपलब्धता के साथ उद्योग हितेषी राज्य सरकार की औद्योगिक नीति है ।

इज आॅफ डूइंग बिजनेस के मामले में भी पिछले तीन-चार वर्षों से छत्तीसगढ़ देश के तीसरे और चौथे स्थान पर है । छत्तीसगढ़ में सड़कों के विकास मैं लगभग 30 हजार करोड रुपए का और विद्युत के जनरेशन, डिस्ट्रीब्यूशन और ट्रांसमिशन में लगभग 28 हजार करोड रुपए का निवेश हुआ है रेल नेटवर्क के विकास के लिए भी लगभग 15 हजार करोड रुपए का निवेश किया जा रहा है। प्रदेश में अच्छी सड़कों के निर्माण से परिवहन व्यय में उल्लेखनीय कमी आई है ।

पहले सड़क मार्ग से जगदलपुर जाने में 8 से 9 घंटे लगते थे ,अब 5 घंटे में जगदलपुर पहुंचा जा सकता है । जगदलपुर एयर कनेक्टिविटी से जुड़ गया है । बहुत जल्द अंबिकापुर , जशपुर भी एयर कनेक्टिविटी से जुड़ जायेंगे । मुख्यमंत्री ने कहा कि सीआईआई कृषि ,खाद्य प्रसंस्करण और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए काम कर सकता है । इन क्षेत्रों के साथ सूचना प्रौद्योगिकी ,आॅटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स का क्षेत्र राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।

सम्मेलन में सीआईआई के छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष सुश्री जागी मंगत पंड्या, पश्चिमी क्षेत्र के चेयरमैन पिरुज खंबाटा , पूर्वी क्षेत्र के उपाध्यक्ष सी एस घोष, सी आई आई के पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष पंकज सारडा, उपाध्यक्ष नरेंद्र गोयल, सीआईआई त्रिवेणी वाटर इंस्टिट्यूट के कार्यकारी निदेशक कपिल नरूला सहित विभिन्न उद्योग संघों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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