नक्सल हिंसा पीडि़त इलाके में सिविक एक्शन कार्यक्रम

आईटीबीपी द्वारा महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित

राजनांदगांव : भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) द्वारा छत्तीसगढ़ के नक्सल हिंसा पीडि़त इलाकों की जनता को भय मुक्त और तनाव मुक्त वातावरण देने के लिए सिविक एक्शन कार्यक्रम चलाया जा रहा है। आईटीबीपी के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि उनके संगठन द्वारा जिले के ग्राम पंचायत मुख्यालय शिकारीमहका (थाना क्षेत्र-छुरिया) में ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 200 महिलाओं को एक हजार सेनेटरी नेपकिन सहित मल्टी विटामिन दवाईयां भी वितरित की गई।

शिविर में डॉक्टरों ने ग्रामीण महिलाओं को मासिक धर्म के बारे में वैज्ञानिक दृष्टिकोण से कई उपयोगी जानकारी दी और उनकी भ्रांतियों का निराकरण किया। शिविर में आईटीबीपी के क्षेत्रीय मुख्यालय बेंगलुरू (कर्नाटक) से आए उप महानिरीक्षक अशोक कुमार नेगी, आईटीबीपी के 38वीं वाहिनी के कमांडेंट नरेन्द्र सिंह, द्वितीय कमान प्रदीप सिंह नेगी, उप सेनानी डॉ. आकांक्षा सिंह, शासकीय हायर सेकेण्डरी स्कूल शिकारीमहका के प्रधानाचार्य दयाल सिंह मेश्राम, अध्यापिका जानकी साहू, नलिनी कुंजाम, सुनीता जैन और महेश पाण्डेय सहित बड़ी संख्या में छात्राएं भी मौजूद थीं।

ग्राम पंचायत शिकारीमहका की सरपंच रेवती सिन्हा और अन्य पंचों ने आईटीबीपी के इस आयोजन की तारीफ करते हुए सभी आगंतुक अधिकारियों का स्वागत किया। शिविर में महिलाओं को मासीक धर्म और स्वास्थ्य से जुड़े विषयों पर एक वीडियो फिल्म भी दिखाई गई। भारत तिब्बत सीमा – पुलिस के रायपुर स्थित द्वितीय कमान जावेद अली ने बताया कि आईटीबीपी द्वारा सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में शासन की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और उन योजनाओं से ग्रामीणों को लाभान्वित करने का भी प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में गरीब और कमजोर वर्गों की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आईटीबीपी के सामरिक मुख्यालय छुरिया की चिकित्सा शाखा द्वारा पहली बार आयोजित किया गया।

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