छत्तीसगढ़

सिविल एविएशन दिल्ली ने राज्य सरकार को लिखा पत्र,बताया 4सी IFR लाइसेंस के लिए जरूरी दस्तावेज चाहिए

बिलासपुर एयरपोर्ट को 2C VFR से 4सी IFR में परिवर्तित करने के लिए राज्य शासन ने डायरेक्टर ऑपरेशन ऐरो स्टैण्डर्ड को लिखा पत्र

बिलासपुर : महाधिवक्ता सतीश वर्मा ने यह भी बताया कि 5/10/2020 को राज्य शासन ने डायरेक्टर ऑपरेशन ऐरो स्टैण्डर्ड को पत्र लिखकर बिलासपुर एयरपोर्ट को 2C VFR से 4सी IFR में परिवर्तित करने के लिए अनुमति दी जाए,

12/10/2020 को सिविल एविएशन दिल्ली ने राज्य सरकार को पत्र लिखकर बताया कि 4सी IFR लाइसेंस के लिए जरूरी दस्तावेज चाइये, उसके बाद दूसरे दिन 19 अक्टूबर को सभी पक्षों की बैठक हुई,मीटिंग में इस बात पर गहन चर्चा हुई और बताया गया कि 4सी के लिए बहुत निर्माण और और जमीन की जरूरत है,

सेना जमीन का कोई उपयोग 10 वर्ष तक नही कर पाती है तो सरकार जमीन वापस ले सकती है,

प्रैक्टिसिंग बार की तरफ से सुदीप श्रीवास्तव ने एक आवेदन फ़ाइल कर डिवीज़न बेंच की बताया कि नियम और शर्तों के अनुसार सरकार सेना से जमीन लेगी तो बहुत समय लगेगा लगभग 1 साल से अधिक ,इसलिए सेना को जमीन दिए जाने के समय एक शर्त यह भी थी कि अगर सेना जमीन का कोई उपयोग 10 वर्ष तक नही कर पाती है तो सरकार जमीन वापस ले सकती है,

बस्तर में स्टील प्लांट की जमीन वापस

जैसा कि बस्तर में स्टील प्लांट की जमीन वापस ली गयी ,लेकिन सेना के साथ ऐसा मत हो,हम चाहते है सेना के 1100 एकड़ जमीन में से सिर्फ 200 एकड़ की 4सी के लिए जरूरत है,अगर सेना जमीन देने में अड़ंगा दाल रही है तो 200 एकड़ लिया जा सकता है जबकि सरकार ने सेना से कहा है कि वो जमीन बाजार मूल्य से वॉयस ले लेगी,या सेना की पास में और जमीन दे देगी,

केंद्र सरकार और सेना के वकील रमाकांत से जब न्यायालय ने पूछा कि आप ने कुछ जानकारी नही दी है ,पिछले आदेश के तारतम्य में तो मिश्र ने कहा राज्य ने जो फ़ाइल किया उसकी कॉपी नही मिली, कोर्ट ने जब बताया कि कॉपी आपको कल ही दे दी गयी है,आपका व्यवहार बचकाना है,आप जवाब नही दे पा रहे है तो हम अगली पेशी में सेना के उच्चाधिकारियों को कोर्ट में बुलाकर बात कर पूछेंगे की आप 4सी के निर्माण में अड़ंगा क्यो डाल रहे है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने आदेश सुरक्षित रखा है ,कमल दुबे की तरफ से आशीष श्रीवास्तव खड़े हुए।

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button