दो पाली में लगती हैं कक्षाएं, मिडिल के भवन में हायर सेकंडरी की कक्षाएं

राजनांदगांव।

नए शिक्षा सत्र को प्रारंभ हुए आज एक माह से ऊपर हो गया लेकिन मूलभूत सुविधाओं से स्कूली छात्र अब भी वंचित हैं। रजिस्टरों में और कक्षाओं में छात्र-छात्राएं नए आ गए परंतु विद्यार्थियों के लिए समस्याएं पुरानी है।

-दो पाली में लग रही कक्षाएं

उपरवाह क्षेत्र में उच्च शिक्षा को ध्यान में रखते हुए ग्रामीणों के मांग पर शासन ने वर्ष 1995 से हाई स्कूल प्रारंभ किया। पश्चात 2004 -05 से हायर सेकंडरी स्कूल का संचालन जारी है लेकिन स्वयं का भवन नहीं होने के कारण मिडिल स्कूल के भवन से काम चलाया जा रहा है और यही कारण है कि यहां कक्षाएं सुबह सात से बारह तक प्रायमरी, मिडिल एवं बारह से पांच बजे तक हायर सेकंडरी दो पाली में लगती है।

-हायर सेकेण्डरी कक्षाओं के लिए भवन की आवश्यकता

हायर सेकेंडरी में कुल दर्ज संख्या 411 जबकि मिडिल में कुल 223 है, और प्रायमरी 116 है, छात्रों के अनुपात में वर्तमान में कक्षा नवमीं के लिए दो, दसवीं के लिए दो, ग्यारहवीं के लिए चार एवं बारहवीं के लिए चार कक्ष की नितांत आवश्यकता है। तभी संकायवार छात्र अलग-अलग बैठ सकते हैं। अभी भवन के नाम पर एक आॅफिस और तीन कक्ष है पांच कक्ष मिडिल का है। प्रयोग शाला में तीन कक्षाएं संचालित हो रही हैं। उसमें भी एक में विज्ञान सामग्री रखी हुई है इस तरह से सर्फ दो में ही कक्षाएं लग रही हैं।

-प्रयोगशाला भवन हो रहा जर्जर

वर्ष 2014-15 में 23 लाख की लागत से निर्मित इस प्रयोगशाला भवन में जगह-जगह दरारें, प्लास्टर उखाड़ने लगी हैं, दरवाजे लगती नहीं। शाला भवन की आवश्यकता को देखते शाला प्रबंधन/ग्रामीणों द्वारा दर्जनों बार शासन को आवेदन दिया जा चुका है लेकिन हर बार की तरह नक्शा, स्टीमेंट, प्रस्ताव आदि कॉपी विभागों के कूड़ादान में जमा हो जाती है तभी तो परिणाम कुछ नहीं मिलता यहां तो शौचालय भी नहीं है। स्कूल समस्याओं से जूझ रहा है।

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