छत्तीसगढ़

क्लीन होम-ग्रीन होम से घर-घर होगा ऑक्सीजोन : हरियाली दीदी

रायपुर: देश में माहानगरों के बढ़ते आकार और प्रचलन के कारण पर्यावरण प्रदूषण का सर्वाधिक नुकसान शहरी लोगों को होता है। उन्हें पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिलता। वायु और ध्वनि प्रदूषण के कारण मानव स्वास्थ्य पर विपरित असर पड़ता है। इससे बचने के लिए ऑक्सीजोन के रूप में निकायों की ओर से समूह में सघन पौधरोपण करने की आवश्यकता है। यह एक सार्थक पहल है, लेकिन जनभागीदारी के आभाव में इसका व्यापक लाभ आम शहरीजनों को नहीं मिल पा रहा है। लागत में भी वृद्धि होती है। इस समस्या के निदान के लिए जनभागीदारी के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति/शासकीय और नीजि संस्थानों को अपने घर के आस-पास और छत में फलदार पौधों को लगाने के लिए प्रेरित किया जाना चाहिए। इससे प्रत्येक कार्यालय में खुद का ऑक्सीजोन बनने से सभी को पर्याप्त ऑक्सीजन उनके कार्यक्षेत्र में मिल पाएगा। साथ ही ध्वनी प्रदूषण और वायु प्रदूषण में भी रोकथाम में सहायता मिलेगी।
पुष्पा साहू, जिसे देशभर में हरियाली दीदी के नाम से जाना जाता है वे पांच सालों से अपने घर की छत में जैविक उद्यानिकी कर रही है। उनकी ओर से किए जा रहे नवाचार को प्रदेश सहित विभिन्न प्रान्तों के लोग अपना रहे हैं। रायपुर के सरोना स्थित कृष्णा पब्लिक स्कूल के छत में 12 हजार वर्ग फीट में जैविक उद्यानिकी का उपयोग हो रहा है। इससे स्कूल में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं और उनके पालकों में छत की खेती के बारे में जागरूक हो रही है।
बृजमोहन अग्रवाल की पहल से 4,500 रूपए का पायलट प्रोजेक्ट उद्यानिकी विभाग की ओर से तैयार किया गया है। इसमें राज्य शसान की ओर से 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इसका अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। नगर निगम रायपुर और राजनांदगांव में भी आंशिक सब्सिडी दिया जा रहा है। मात्र 500 रूपए में सब्जी, फल-फूल, मसालेदार पौधे और औषधीय पौधे की जैविक खेती के लिए किट दिया जा रहा है। कृषि मंत्री का यह प्रयास देश में एक अनूठा प्रयास है। इस योजना के तहत दिए जाने वाले किट की अन्य राज्यों में भी भारी मांग है।

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