छत्तीसगढ़

बिलासपुर हाईटेक बस स्टैंड में सफाई व्यवस्था ठप, चारों तरफ फैली गंदगी

मनमोहन पात्रे:

बिलासपुर: करोड़ों खर्च कर तिफरा में बनाया गया हाईटेक बस स्टैंड अफसरों की अनदेखी का शिकार हो रहा है। कलेक्टर की दखल और दूसरे अफसरों के निर्देश के बावजूद यहां सफाई व्यवस्था ठप है। इसके कारण मुसाफिरों को परेशान होना पड़ता है।

उन्होंने कई बार इसकी शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की है। फिर भी हालात कुछ दिन बाद जस के तस हो जाते हैं। लोगों के मुताबिक सालों बाद भी यहां सबकुछ वैसा ही है। सफाई के नाम पर कुछ दिन बाद ठेकेदार मनमानी पर आमादा हो जाते हैं। इसके चलते ऐसी स्थिति पैदा होती है।

नया हाईटेक बस स्टैंड में यात्रियों के लिए न कोई सुविधा है और नहीं सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम। सरकार को भले ही करोड़ों का राजस्व प्राप्त हो रहा हो, मगर यात्री परेशानी से जूझ रहे हैं। यहां न उनके लिए पेयजल का मुकम्मल इंतजाम है, नहीं सुरक्षा की कोई व्यवस्था। पेयजल के लिए लाखों रुपये खर्च हो गए, मगर उनकी प्यास नहीं बुझ सकी। कई एकड़ में फैले पड़ाव में प्यास बुझाने के लिए इक्के-दुक्के चापाकल ही सहारा हैं।

यात्रियों के लिए बने शेड पर दुकानदारों का कब्जा है। नतीजा लोग गर्मी में धूप व बरसात में बारिश की पानी में भींगने को विवश रहते हैं। रोशनी के लिए लगाए गए दर्जनों वैपर लाइट खराब हैं। हाइमास्क लाइट के सहारे अंधेरा मिटाने की जद्दोजहद है। लाखों रुपये खर्च कर बने सड़क व नाला भी बनने के साथ टूट गए।

हाथ पकड़ कर यात्रियों को खींचते हैं कंडक्टर व एजेंट-

बसों के कंडक्टर व एजेंटों द्वारा यहां यात्रियों के साथ दुर्व्यवहार किया जाता है। उनका हाथ पकड़ कर जबरन बसों में चढ़ाया जाता है। सीट नहीं मिलने पर भी उनको उतरने नहीं दिया जाता। विरोध करने पर मारपीट तक की जाती है। चाम्पा, रायपुर, सहित कई रूट की बसों में इस तरह के मामले सबसे अधिक हैं।

यात्रियों को होती हैं कई परेशानियां –

बस स्‍टैंड में यात्रियों को कई परेशानियां होती है। इसमें पानी की समस्या प्रमुख है। गेट पर मात्र एक नल है। शौचालय से गंदा पानी बहता रहता है। वैपर के लिए लगे 40 पोल खाली हैं। रोशनी का आधा-अधूरा इंतजाम है। यात्री पड़ाव पर दुकानदारों का कब्जा है। असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।

Tags
Back to top button