क्लर्क ने मांगी थी 3 हजार रिश्वत, कोर्ट ने सुनाई चार साल की सजा

रायपुर। रिश्वत मांगने के एक मामले में रंगे हाथों पकड़ाए जाने के बाद क्लर्क को विशेष अदालत ने शनिवार को चार वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई। इसके अलावा आरोपी को कुल 15 हजार रुपए के अर्थदण्ड से भी दंडित किया गया।

आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने सीएचसी कार्यालय में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 प्रवीण कुमार चंद्राकर को एक महिला कर्मचारी का वेतन बनाने के नाम पर 3 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था।

आरोपित क्लर्क ने मातृत्व अवकाश पर गई एक महिला कर्मचारी का वेतन 3 हजार रुपए की रिश्वत के लिए रोक दिया था। महिला कर्मचारी ने इसकी शिकायत एसीबी में की थी, जिसके बाद कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए एसीबी टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया।

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