क्लिपर-28 की पड़ताल : बजबजाती-बदबूदार नालियों से गुजर रही पाइप – लाइनों से बढ़ रही बीमारी

पीलिया से अब तक हो चुकी है तीन मौत, सैकड़ों मरीज अस्पताल में

रायपुर: राजधानी में लगातार पीलिया का कहर बढ़ता जा रहा है। अब तक रायपुर में तीन लोगों की पीलिया से मौत भी हो चुकी है, लेकिन प्रशासनिक अमले की संवेदना गंभीरता के अनुरूप नहीं दिख रही है। प्रशासन की ओर से उबले पानी और अन्य संदेश के माध्यम से पीलिया से बचाव के संदेश दीवारों पर तो लिखा दिए गए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यही है कि पीलिया के बढ़ते कारणों को रोकने कोई सकारात्मक व गंभीर रूख अख्तियार नहीं किया गया है।

क्लिपर-28 की टीम ने पीलिया के कारणों व सफाई व्यवस्था की हकीकत जानने शहर के विभिन्न वार्डों में भ्रमण कर पड़ताल की, तो कई ऐसे तथ्य सामने निकल कर आए जो यह साबित करते हैं कि शहर में गंदगी चरम पर है। नालियों की सफाई व्यवस्था बदहाल है। कहीं नालियों के भीतर से पाइप लाइन गई हुई है तो कहीं नाली के पास से गुजर रही पाइप लाइन के पानी को पीने के लिए लोग मजबूर हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि आखिर कब तक बजबजाती – बदबूदार नालियों और इन्हीं नालियों के पास से गुजरने वाली पाइपलाइन के पानी पीने के लिए लोगों को मजबूर रहना होगा। और आखिर कैसे इन गंदगियों के कारण होने वाली बीमारियों पर रोक लगेगी। </>

नालियों की सफाई व्यवस्था बदहाल है
नालियों की सफाई व्यवस्था बदहाल है

नलों और नालियों के आस पास से गुजरने वाली पाइपलाइन के गंदे पानी के कारणों से शहर में पीलिया मरीजों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है। टीम ने कालीबाड़ी के नेहरू नगर की गली, छोटापारा मोड़ की गली से पहले और टिकरापारा के अमृत चौक की नालियों में कुछ है ही हालात देखे। टीम ने मौके की तस्वीरें भी खींची। जो स्मार्ट सिटी की दौड़ शामिल रायपुर नगर निगम की स्वच्छता अभियान की जमीनी हकीकत दिखाने के लिए न केवल काफी बल्कि चौंकाने वाली भी है।

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