Clipper28 Exclusive : सेंसर बोर्ड ये ना बताये क्या हो, क्या ना हो: आनंद एल राय

— (सूर्यप्रकाश तिवारी )

हैदराबाद: प्रमुख निर्माता निर्देशक आनंद एल राय का यह कहना है की भारतीय फिल्मो के लिए सेंसरशिप तो होनी चाहिए,लेकिन वो ये ना बताये की फिल्म में क्या होना चाहिए और क्या ना हो। सेंसरशिप का काम प्रमाण पत्र देना है और ये बताना है की ए वर्ग का प्रमाण पत्र मिलेगा या अन्य प्रमाण पत्र ,वो ये नहीं बता सकते की ये सीन काट दो तो ए प्रमाण पत्र देंगे या वो सीन काट दो तो अन्य प्रमाण पत्र देंगे। उन्हें जो प्रमाण पत्र देना हो दे दे अगर हमें नहीं चाहिए तो उसके मुताबिक बदलाव करेंगे। सूर्यप्रकाश तिवारी को दिए एक विशेष साक्षात्कार में राय ने अलग अलग मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किये।
अपने जीवन और कार्यशैली पर प्रकाश डालते हुए राय ने कहा की उनका सम्बन्ध दिल्ली से है और इंजीनियरिंग करने के बाद उन्हें ये लगा की फिल्म लाइन में वे कुछ कर सकते है इसलिए फिल्म निर्माण के साथ साथ निर्देशन में भी आगे बढ़ रहे है.उन्हें सादगी से चीजे देखना पसंद है कहानिया सुनाना पसंद है और यही नजरिया वे दर्शको को प्रस्तुत कर रहे है। आगे की भविष्य योजना के बारे में पूछे जाने पर कहा की शाहरुख़ खान के साथ एक फिल्म पर आगे बढ़ रहे है ,जिसे दर्शको के सामने आने में लगभग दो साल का समय लगेगा,जिसकी शूटिंग भी चल रही है।तनु वेड्स मनु ,रांझणा और तनु वेड्स मनु रिटर्न्स जैसी चर्चित सफल फिल्मो का निर्देशन करनेवाले आनंद राय हाल ही में प्रदर्शित शुभ मंगल सावधान के निर्माता भी है।न्यूटन जैसी सामाजिक मुद्दे पर बनी फिल्म को भी उन्होंने प्रस्तुत किया है। उन्होंने कहा की मध्यम वर्ग को अब तक हमने संकुचित समझ रखा है,लेकिन अब उनके बदलने का समय है क्योंकि अब हम अंदर से बदल चुके है और इसी बदलाव को शुभ मंगल सावधान में दिखाया गया है और लोग इसे पसंद भी कर रहे है।मध्यम वर्ग अब उन मुद्दों पर भी खुलकर बोलने लगा है ,जिनको लेकर संकोच था। हमारे समय में परिवार में कुछ बोलने से पहले सोंचना पड़ता था,लेकिन अब समय ऐसा है की बेटा हो या बेटी अपनी जीवनशैली को लेकर खुलकर बात करने लगे है।

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