छत्तीसगढ़

CLIPPER28 EXPOSE : खुद को हीरो बताने वाला उद्योग विभाग साबित हुआ जीरो

वर्ष 2017 के बाद निवेशकों के साथ नहीं हुआ कोई करार

रायपुर। प्रदेश में व्याप्त लचर औद्योगिक व्यवस्था के सच्चाई की कहानी किसी से छुपी नहीं है। ऐसे में निवेशकों को रिझाने में छत्तीसगढ़ राज्य के औद्योगिक विभाग की फैलियारिटी खुद ही विभाग की कमजोरी को उजागर करती है। राज्य में निवेशकों को आकर्षित करने में उद्योग विभाग लगातार फेल साबित हो रहा है। क्लिपर 28 को उद्योग विभाग द्वारा राज्य गठन के बाद से हुए अब तक के एमओयू के आंकड़े और रकम की जानकारी हाथ लगी है। ये आंकड़े बताते हैं कि उद्योग विभाग राज्य में अपनी उपलब्धता साबित करने में नाकाम रहा है। विभाग से मिले आंकड़े के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य गठन (वर्ष 2000) से लेकर वर्तमान स्थिति में कुल 211 एमओयू हुए, जिनमें से अब तक 28 करोड़ से अधिक (287879.22) की पूंजी निवेश की गई , लेकिन कुछ निवेशकों ने छत्तीसगढ़ में चरमराई औद्योगिक व्यवस्था को देखकर शासन से अपना करार खत्म कर लिया।

विदेश दौर और प्रचार-प्रसार में ही फूंक डाले करोड़ों


प्राप्त आंकड़ों के अनुसार कुल 211 एमओयू में से 28 एमओयू निरस्त हुए हैं। जिसमें प्रस्तावित पूंजी निवेश की राशि 35 लाख से अधिक (35458.66)थी। वहीं वर्तमान परिवेश में छत्तीसगढ़ सरकार के उद्योग विभाग का 183 निवेशकों के साथ एमओयू प्रभावशील हैं। साथ ही ये बताना भी जरूरी है कि वर्ष 2017 के बाद उद्योग विभाग का निवेशकों के साथ कोई करार यानी एमओयू नहीं हुआ है। इससे साफ जाहिर होता है कि छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाने या निवेश करने में निवेशकों की कोई दिलचस्पी नहीं है और ना ही उद्योग विभाग निवेशकों को यहां निवेश करने के लिए रिझा पा रहा है।

बता दें कि उद्योग विभाग एक ओर सरकार छत्तीसगढ़ में औद्योगिक नीति व्यवस्था के तारीफों की पूल बांधता है, लेकिन दूसरी ओर राज्य के उद्योग विकास निगम के अध्यक्ष और अधिकारी ही औद्योगिक नीति की प्रगति को लेकर गंभीर नहीं है। अब सवाल ये उठता है कि आखिर प्रदेश में चरमराई औद्योगिक व्यवस्था कब सुधरेगी? क्या विभाग के अध्यक्ष-पदाधिकारी देश और विदेश का भ्रमण कर सरकार के पैसों को ऐसे ही फूंकते रहेंगे? ऐसे ही बहुत सी खामियां हैं, जो औद्योगिक व्यवस्था को राज्य में पीछे ढकेल रही है।

क्लिपर 28 ने प्रदेश के चरमराई औद्योगिक व्यवस्था एक्सपोज करने का बीड़ा उठाया है। अगर आपके आस-पास या जानकारी में बदहाल औद्योगिक व्यवस्था के खिलाफ कोई समस्या ,मामला, मुद्दा या गंभीर शिकायत है तो आप क्लिपर 28 के कार्यालय में नंबर पर अपनी तकलीफ साझा कर सकते हैं। हम प्रमुखता से आपकी समस्याओं को उठाकर आम जनता से लेकर राजनीतिक गलियारों तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। हम लगातार मुहिम चलाकर इस व्यवस्था को सुधारने की ओर अग्रसर हैं। आपकी शिकायतों का निराकरण हमारी प्राथमिकता होगी।

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