संघ शिक्षा वर्ग, प्रथम वर्ष (सामान्य) का समापन समारोह

मनोज मिश्रा:

धमतरी: मंगलवार, 4 जून 2019 को धमतरी के निकट ग्राम सांकरा में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, छत्तीसगढ़ प्रान्त का 20 दिवसीय, संघ शिक्षा वर्ग, प्रथम वर्ष (सामान्य) का समापन समारोह आयोजित हुआ।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्वामी आत्माराम कुम्भज (संरक्षक, तुलसी मानस प्रतिष्ठान, छत्तीसगढ़ ) थे। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, आज भारत ही सम्पूर्ण दुनिया का मार्गदर्शन कर सकता है, सभी प्रश्नों का समाधान भारतीय जीवन दर्शन में है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लगातार प्रयत्नशील

भारतीय संस्कृति के संरक्षण के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ लगातार प्रयत्नशील है। उन्होंने शिक्षार्थियों को कहा कि, आपने 20 दिन का संघ का प्रशिक्षण लिया है। निश्चित रूप से आप देश सेवा में आगे बढ़ेंगे, यही शुभकामनाएं…

भारत का इतिहास गौरवशाली रहा

इस अवसर पर समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में संघ के छत्तीसगढ़ प्रान्त के प्रान्त प्रचारक प्रेमशंकर सिदार थे, उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि, भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है। भारतीय संस्कृति- हिन्दू संस्कृति सर्व समावेशी है। किसी भी मत, पूजा पद्धति को मानने वालों का हमारे यहाँ सम्मान है। केवल हमारे मार्ग पर चलेंगे उन्हें ही मोक्ष प्राप्त होगा ऐसा दुनिया के कुछ पंथ मानते है, पर हम तो “वसुधैव कुटुम्बकम्” को मानते है। सारी दुनिया हमें आशा की दृष्टि से देख रहीं हैं।

हमारे देश मे सभी मार्ग,मत, पंथ मोक्ष प्राप्ति के लिए है । आज दुनिया आंतकवाद-नकसलवाद से परेशान है, उसके मूल में विचार की कुंठिता है, जो मेरे साथ नहीं चलेगा उसे समाप्त करने की सोचता है। भारतीय दर्शन कहता है, एकम सत विप्रा बहुधा वदन्ति ..

अपने गुरु घासीदास जी ने भी यही कहा है : मनखे मनखे एक समान ।

भारत की सभ्यता अक्षुण

लंबे कालखंड के गुलामी के बाद भी भारत की सभ्यता अक्षुण रही है उसके पीछे हमारी कुटुंब व्यवस्था है । परिवार से प्राप्त संस्कार जीवनभर रहता है । श्रेष्ठ संस्कृति श्रेष्ठ परिवार से बनती है । विश्व सभ्यता को स्वयं बचना है तो वह समाधान केवल भारत विचार में है ।

परंतु आज भारत- हिन्दू दर्शन को तोड़ने का षड्यंत्र चल रहा है उसे समझने की आवश्यकता है । संघ 93 वर्षों से समाज को अखंडित रखने के काम मे लगा है , भारत को विश्वगुरु बनाने में लगा है । संघ विराट राष्ट्र यज्ञ है, यह राष्ट्रीय कार्य मे सभी की आहुति जरूरी है ।

इस प्रथम वर्ष के 20 दिवसीय पूर्ण आवासीय प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ प्रान्त के विविध स्थानों से 263 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। तथा अपने आने-जाने का व्यय स्वयं शिक्षार्थियों ने ही वहन किया।

इस समापन समारोह में संघ के माननीय प्रान्त संघचालक बिसराराम यादव, प्रान्त कार्यवाह चंद्रशेखर वर्मा, वरिष्ठ प्रचारक शांताराम सराफ, श्रीगोपाल व्यास, क्षेत्र के जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक बन्धु-भगिनी उपस्थित थे।

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