सीएम ने गौठान में की चारा कटाई नरवा, गुरुवा, घुरवा और बाड़ी के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला प्रषासन को मिली सराहना

मुख्यमंत्री ने बड़ेकनेरा के आदर्श गोठान का किया अवलोकन चैपाल में किया ग्रामीणों से संवाद

– राज शार्दूल

कोण्डागांव: मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज कोण्डागांव विकासखण्ड के ग्राम बड़ेकनेरा में निर्मित आदर्श गोठान (गरूआ) का निरीक्षण किया और गौठान में पशुओं के रख-रखाव, चारे-पानी एवं उपचार के लिए की गई व्यवस्था पर प्रसन्नता व्यक्त की।

मुख्यमंत्री ने गोठान का अवलोकन करने के बाद चैपाल में ग्रामीणों से इस संबंध में सुझाव मांगते हुए गौवंष के सरंक्षण और संवर्द्धन के लिए गोठान की स्थापना को जरुरी बताया। इस दौरान मौके पर उपस्थित ग्रामीण तब चकित रह गये जब उन्होंने गोठान में लगी पशु चारे की क्यारियों को मुख्यमंत्री द्वारा स्वंय अपने हाथो से चारा कटाई करते देखा।

तत्पष्चात् मुख्यमंत्री ने चैपाल में ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए कहा कि नरवा, गरूवा, घुरवा, और बाड़ी छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और ये चारों आपस में एक दूसरे से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेष़ में सभी गांवों में पशुधन है, लेकिन परम्परागत गोठान, चारागाह की कमी के कारण इनका सदुपयोग नहीं हो पा रहा है।

गोठान की उपयोगिता पर प्रकाष डालते हुए उन्होंने कहा कि गौठान में पशुओं को रखा जाएगा, उनके चारे पानी की व्यवस्था होगी। पशु चिकित्सक पशुओं का उपचार करेंगे। इससे दूध का उत्पादन बढ़ेगा। बच्चे दूध पियंगें तो उनका शारीरिक और मानसिक विकास होगा। जब बच्चे सशक्त होंगे तो एक सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।

CM appreciates District Administration for better implementation of Narva, Gurwa, Ghurva and Bari in Gothan
सीएम ने गौठान में की चारा कटाई नरवा, गुरुवा, घुरवा और बाड़ी के बेहतर क्रियान्वयन के लिए जिला प्रषासन को मिली सराहना

इसके अलावा गोठान में गोबर मिलेगा, इसके लिए घुरवा बनाए जा रहे हैं। इससे कम्पोस्ट खाद मिलने से खेती समृद्ध होगी। इसके साथ ही इनसे बायोगैस भी बनाया जायेगा। नरवा के विषय में उन्होंने कहा कि पहले गांव के नाले बारहमासी होते थे, परन्तु भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन से जलस्तर अब नीचे चला जाता है,

अतः नालो के किनारो पर वृक्षारोपण करने से भूमिगत जल में वृद्धि होगी इसलिए शासन द्वारा ‘नरवा‘ योजना के तहत पुनः रिचार्ज करने का निर्णय लिया है। नालों में पानी होने से बाड़ियों का विकास होगा। इससे आय के साधन बढ़ेंगे और ग्रामीण अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी।

कृषक राजमन को मिला ट्रेक्टर, तीन दिव्यांगो को मिली बैटरी चालित सायकल

इस दौरान मुख्यमंत्री द्वारा ग्राम रांधना निवासी कृषक राजमन को ट्रेक्टर प्रदाय करने के साथ-साथ छह अन्य कृषको को पम्प दिया गया। इसके अलावा मुख्यमंत्री की उपस्थिति में समाज कल्याण विभाग द्वारा तीन दिव्यांगो को बैटरी चालित सायकल देने के साथ-साथ जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक द्वारा 17 कृषको को किसान क्रेडिट कार्ड का वितरण भी मुख्यमंत्री के हाथो सम्पन्न हुआ।

नक्सली हिंसा से पीड़ित परिवारो को मिली आर्थिक सहायता

चैपाल कार्यक्रम में ही मुख्यमंत्री ने जिले के नक्सली हिंसा से पीड़ित परिवारो के परिजनो से भेट करते हुए उन्हें पांच-पांच लाख चेक, शाल एवं श्रीफल दिया। इस दौरान उन्होंने कार्यक्रम स्थल में महिला स्व-सहायता समूह एवं षिल्पकारो द्वारा बनाये जा रहे विभिन्न प्रकार के उत्पाद जैसे चुड़िया, एलईडी बल्ब, अगरबत्ती, तिखुर निर्माण, तार फैंसिंग निर्माण, हस्तषिल्प स्टाॅलो का अवलोकन करते हुए, जिला प्रषासन द्वारा किए जा रहे प्रयासो को सराहनीय बताया।

कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने समीपस्थ बहने वाले नाले के तट पर किए जा रहे ‘नरवा‘ कार्यक्रम के तहत वृक्षारोपण कार्य को देखा एवं उन्होंने नीम का पौधा भी लगाया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा चैपाल कार्यक्रम में ग्राम बड़ेकनेरा में 25 लाख रुपये लागत के सामुदायिक भवन निर्माण तथा ग्राम खालेमुरवेण्ड में 20 सीटर छात्रावास निर्माण की घोषणा भी की गई।

चैपाल में पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री टी.एस. सिंहदेव, गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू, आबकारी और उद्योग मंत्री कवासी लखमा, बस्तर विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष संतराम नेताम, संसदीय सलाहकार राजेश तिवारी, क्षेत्र के विधायक मोहन मरकाम, विधायक नारायणपुर चंदन कष्यप,

फूलोदेवी नेताम, अध्यक्ष जिला पंचायत देवचंद मातलाम, उपाध्यक्ष रवि घोष, बस्तर कमिष्नर अमृत खलखो, कलेक्टर नीलकंठ टीकाम, पुलिस अधीक्षक सुजीत कुमार, सीईओ जिला पंचायत नुपूर राषि पन्ना, सहित अनेक जनप्रतिनिधि और आसपास के गावांे के ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

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