छत्तीसगढ़

CM बघेल ने आदेश जारी कर चकरभाठा एयरपोर्ट से लगी जमीन को सेना से वापस ली

जिला प्रशासन को शासन से मिले पत्र में बताया गया है कि जनहित और आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए चकरभाठा एअरपोर्ट को विकसित किया जाएगा।

रायपुर : मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज एक आदेश जारी कर चकरभाठा एअरपोर्ट से लगी जमीन को सेना से वापस ले लिया है। जिला प्रशासन को शासन से मिले पत्र में बताया गया है कि जनहित और आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए चकरभाठा एअरपोर्ट को विकसित किया जाएगा। इसलिए सेना को दी गयी 78 एकजड जमीन का अनुबंध निरस्त किया जाता है।

आदेश हासिल होने के बाद कलेक्टर सारांश मित्तर ने एअरपोर्ट का मुआयना किया। उन्होने इंजीनियरों को निर्देश भी दिया कि तीन दिनों के अ्दर एअरपोर्ट से लगी जमीन पर फेंसिंग का काम पूरा किया जाए। कलेक्टर ने बताया कि जमीन मिलने के बाद 3 C लायसेंस के लिए चकरभाठा एअरपोर्ट का रास्ता साफ गया है। एक महीने के अन्दर सारा काम पूरा हो जाएगा। वही मामले में एअरपोर्ट के लिए सड़क से कोर्ट तक जंग लड़ने वाले हाई कोर्ट प्रैक्टिसिंग बार के अध्यक्ष संदीप दुबे की याचिका पर आदेश के बाद हए निर्णय पर संदीप दुबे,अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव,राजेश केशरवानी, सलीम काज़ी, ने खुशी जाहिर की है। उन्होने कलेक्टर,मुख्यमंत्री और बिलासपुर की जनता को शुभकामनाएं भी दी है।

पत्र में कहा गया

आज सीएम ने दोपहर बाद एक आदेश जारी कर सितलरा और रहंगी स्थित एअरपोर्ट से लगी जमीन को सेना से वापस ले लिया है। मामले की जानकारी पत्र के माध्यम से जिला प्रशासन बिलासपुर को दी गयी है। पत्र में कहा गया है कि चकरभाठा में सैन्य छावनी स्थापना के लिए प्रबंधन और संधारण को लेकर सेना को दी गयी जमीन की अनुमति को निरस्त किया जाता है।

मामले में कलेक्टर ने बताया कि शासन से पत्र मिला है। इसके पहले भी सेना से फेंसिग निर्माण को लेकर आज ही बातचीत हुई थी। अब शासन ने सेना से 2016 में किए अनुबंध को निरस्त कर दिया है। जाहिर सी बात जमीन जिला प्रशासन के कब्जे में आ गयी है। इसके साथ ही अब एक महीने के अन्दर चकरभाठा एअरपोर्ट के लिए 3 C लायसेंस का दावा कर सकते हैं।

कलेक्टर ने बताया कि पत्र मिलने के बाद टीम के साथ चकरभाठा एअरपोर्ट का मुआयना भी किया। इस दौरान इंजीनियरों को निर्देश भी दिया गया कि तीन दिन के अन्दर एअरपोर्ट के चारो तरफ 78 एकड़ जमीन पर फेंसिंग का काम पुूरा करें।

सीएम ने पत्र में क्या लिखा

मंत्रालय से जारी पत्र में बताया गया है कि सिलतरा और रहंगी में सेना को छावनी के लिए संधारण और प्रबंधन के लिए 6 जून 2016 में दी गयी जमीन के अनुबंध को निरस्त किया जाता है। चकरभाठा 3 C श्रेणी का एअरपोर्ट तैयार करने में बाउन्ड्रीवाल निर्माण जरूरी है। हाईकोर्ट निर्देश के बाद भविष्य में 4C श्रेणी में एअरपोर्ट को विकसित करने के लिए सिलतरा और रहंगी स्थित सेना को दी गयी 78 एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

तीन दिन में बनाएंगे फेंसिंग..3 C का रास्ता साफ

कलेक्टर सारांश मित्तर ने बताया कि शासन से पत्र मिला है। हमने टीम के साथ एअरपोर्ट का मुआयना भी किया। तीन दिन के अन्दर फेंसिंग पूरा करने का आदेश और रिपोर्ट करने की जिम्मेदारी इंजीनियर को दी गयी है। सेना से जमीन मिलने के बाद अब चकरभाठा एअरपोर्ट 3 C एक महीने के अन्दर मिल सकता है। जीसीए के सभी मानकों को पूरा कर लिया जाएगा। कलेक्टर सारांश मित्तर ने कहा कि पिछली बार ही एअरपोर्ट के निरीक्षण के बाद शासन और सेना को पत्र लिखा था। आज पत्र का जवाब बिलासपुर वासियों के पक्ष में आया है।

स्वागत करता हूं..लेकिन लड़ाई 4 C के लिए जारी रहेगी

एअरपोर्ट के लिए सड़क से कोर्ट तक लड़ाई लड़ने वाले हाई कोर्ट प्रैक्टिसिंग बार के अध्यक्ष संदीप दुबे और हाईकोर्ट अधिवक्ता सुदीप श्रीवास्तव ने मुख्यमंत्री के निर्णय और पत्र का स्वागत किया। लेकिन हमारी लडाई 4 C लायसेंस को लेकर जारी रहेगी। निश्चित रूप से सेना से जमीन वापस होना हमारी बहुत बड़ी जीत है। इसमें कलेक्टर महोदय का अहम योगदान है। अब निश्चित रूप से 3 C लायसेंस की बाधा दूर हो चुकी है। उम्मीद है 42 सी की भी अड़चन इसी के साथ दूर हो जाएगी।

चकरभाठा एअरपोर्टः साफ हुआ 3C का रास्ता..सीएम ने किया करार रद्द.सेना से ज मीन वापस..कलेक्टर ने कहा..3 दिन में बनाएंगे दीवार..4C का भी होगा काम

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