सीएम बघेल ने जामुल में जल आवर्धन योजना का किया शुभारंभ

अहिवारा को तहसील बनाने का ऐलान

रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज जामुल में जलप्रदाय आवर्धन योजना का शुभारंभ किया इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र वासियों को बधाई दी। 23 करोड़ 46 लाख 30 हजार की लागत से बनी इस योजना से क्षेत्र के 60 हजार ज्यादा लोगों को फायदा पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्रवासियों को लंबे समय से इसकी प्रतीक्षा थी। उन्होंने कहा कि मै उम्मीद करता हूं कि क्षेत्र की माताएं एवं बहनें आज इस जलप्रदाय योजना की शुरूआत से काफी खुश होंगी, क्योंकि पानी से महिलाओं का सीधा जुड़ाव होता है। अब हर घर में पानी की सुविधा हो जाने से महिलाओं को सहूलियत हो जाएगी। उन्होंने जामुल में महाविद्यालय भवन की स्थापना के लिए शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर अहिवारा को तहसील बनाने की घोषणा की।

उन्होंने 49 करोड़ रूपए की लागत से जामुल से अहिवारा रोड तथा 14 करोड़ रुपए की लागत से जामुल-सुरडुंग रोड के जल्द निर्माण की भी बात कही। उन्होंने कहा कि बजट के लिए इसकी स्वीकृति मिल चुकी है, जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा। उन्होंने सुरडुंग जलाशय के जीर्णोद्धार के लिए एक करोड़ रुपए की राशि देने की घोषणा की। जनसमुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि हमारी सरकार की प्राथमिकता है हर व्यक्ति का विकास और इस उददेश्य की प्राप्ति के लिए हम लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपरा को बढ़ावा देने के साथ-साथ हमने प्रदेश में कुपोषण को दूर करने के लिए कारगर कदम उठाए हैं। पिछले एक साल में 77000 बच्चे सुपोषित हुए हैं। हमारा मानना है कि माताओं और बच्चों की सेहत अच्छी होगी, तब ही राज्य का विकास होगा। उन्होंने पंडित नेहरू के कथन को दोहराते हुए कहा कि जिस प्रकार भारत देश केवल उसकी भूमि से नहीं बना, बल्कि उसमें रहने वाले लोगों से बना है। इसी प्रकार छत्तीसगढ़ प्रदेश केवल 28 जिलों की सीमा रेखाओं को जोड़ने से नहीं बना, बल्कि छत्तीसगढ़वासियों से बना है। इसलिए छत्तीसगढ़ के एक-एक नागरिक का विकास हो यही हमारी प्राथमिकता है।

मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अस्पताल को जनता तक पहुंचाने का प्रयास किया है। वन अंचलों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि साप्ताहिक हाट बाजार वन क्षेत्र में रहने वाले लोगों के जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा है, इसलिए हमने मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना की शुरूआत की। उन्होंने महिलाओं को स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू किए गए दाई-दीदी क्लिनिक का जिक्र करते हुए कहा कि महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य के बारे में अपने घर वालों से चर्चा नहीं कर पाती लेकिन दाई दीदी क्लिनिक में बड़ी संख्या में महिलाएं स्वास्थ्य जांच के लिए पहुंच रही हैं। प्रायोगिक तौर पर हमने रायपुर, बिलासपुर और भिलाई में इस योजना की शुरूआत की थी। हमारी योजना है कि हर नगर पालिका में दाई-दीदी क्लिनिक की शुरूआत करें। इस अवसर पर पी.एच.ई. मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि जामुल में शुरू हुई इस योजना से बड़ी आबादी को पेयजल की सुविधा मिलेगी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिव कुमार डहरिया ने नगरीय विकास विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नगरीय निकायों की विकास की जितनी योजनाएं छत्तीसगढ़ में संचालित की जा रही हैं उनकी देश भर में चर्चा होने लगी है। उन्होंने कहा कि विकास के कार्यो के लिए राशि की कमी नहीं है। प्रदेश में महिला उद्यमियों को बढ़ावा देने के लिए अच्छी सब्सिडी दी जा रही है। छोटे व्यापारियों को फायदा पहुंचाने के लिए विशेष कदम उठाए गए हैं। अब गुमाश्ता लाइसेंस के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगें क्योंकि हमारी सरकार ने नवीनीकरण को समाप्त कर दिया है।

इसका मतलब यदि आपने अपने व्यापार के लिए एक बार गुमाता/लाइसेंस लिया तो बार-बार नवनीकरण कराने की आवश्यकता नहीं। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने श्रम कानूनों में श्रमिकों की भलाई के लिए बहुत से परिवर्तन किए हैं। उन्होंने बताया कि अब औद्योगिक संस्थाओं में श्रमिकों की सेवानिवृत्ति की आयु 58 से बढ़ाकर 60 वर्ष कर दी गई है। उन्होंने कहा कि श्रम कानूनों के माध्यम से श्रमिकों के उत्थान का कार्य लगातार किया जा रहा है। लाकडाउन में सरकार की ओर से विशेष प्रयास किए गए कि श्रमिकों के पारिश्रमिक में कटौती न हो। इसके अलावा दूसरे प्रदेशों से छत्तीसगढ़ लौटे 7 लाख से अधिक श्रमिकों को रोजगार दिलाने के प्रयास सरकार द्वारा किए गए।

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