CM भूपेश बघेल करेंगे एक पत्रकार सुरक्षा व नक्सल मसलों के बंदियों पर जांच समितियों की घोषणा

रायपुर।

प्रदेश सरकार के मुखिया भूपेश बघेल इस सत्र में ही दो समितियों के गठन का ऐलान करने वाले हैं। यह दो समितियाँ उन विषयों पर हैं जिसे लेकर CM भूपेश बघेल बतौर विपक्ष के नेता के रुप में चिंता जतलाते रहे हैं। सरकार के मुखिया के रुप में दायित्व सम्हालने के बाद भी मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन दोनो मसलों पर अहम क़दम उठाने का संकल्प लिया, और इस संकल्प को सार्वजनिक भी किया।

यह दो मुद्दे हैं पत्रकारों की सुरक्षा और नक्सली मसलों में निर्दोषों की क़ैद का। पत्रकार विषम परिस्थितियों मे काम करते है और कई बार वे सच लिखते हुए प्रभावशाली वर्ग का शिकार बनते हैं, दूसरा मसला उन हज़ारों की तादाद मे जेल मे क़ैद नक्सली मामलों में बंद लोगो का है जिनके निर्दोष होने को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

नक्सली मसलों में बंद होने वाले लोगो को लेकर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने निर्दोष होने को लेकर कई मामले सामने लाए है हालाँकि हर बार मसला चर्चा संवाद और आश्वासन से आगे नही बढ़ा है। IAS एलेक्स अपहरण प्रकरण के बाद नक्सल मामलों मे बंदी क़ैदियों की समीक्षा के लिए बुच समिति भी बनी थी जिसकी रिपोर्ट पूरी हुई है या नही या कि उनकी सिफ़ारिशों का क्या हुआ यह शायद ही किसी को याद हो।

मुख्यमंत्री सलाहकार विनोद वर्मा इन दोनों समितियों के गठन को लेकर स्पष्ट करते है । देखिए,सरकार चाहती है कि समितियों का नेतृत्व कोई न्यायविद ही करें जिससे कि उस समिति की रिपोर्ट, और क़ानून के ड्राफ्ट को एक वैधानिक मान्यता रहे।

नक्सल मसलों पर बंद लोगो के प्रकरणो की समीक्षा को लेकर यह महत्वपूर्ण संकेत है कि सरकार इनकी जाँच कैसे करेगी, दरअसल नक्सल मसलों पर जो तरीक़ा विवादों में लाता है वो पुलिस की प्रक्रिया है जिसमें नक्सल घटना के बाद दर्ज एफआईआर में कुछ नामज़द के साथ बीस पचास अन्य अज्ञात यह जोड़ा जाता है और इसी अज्ञात की खानापूर्ति जब होती है तो सवाल उठते है कि पुलिस निर्दोष ग्रामीणों को पकड़ रही है। इन दोनों समितियों की घोषणा मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इस सत्र में करने वाले हैं ।

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