छत्तीसगढ़

आंदोलनरत आदिवासियों से 22 अक्टूबर को खुद बात करेंगे सीएम भूपेश बघेल

पालनार में जुटे करीब 3 हजार आदिवासी

नकुलनार: छत्तीसगढ़ के मुखिया भूपेश बघेल ने जेलों में नक्सल मामलों में बंद निर्दोश आदिवासियों की रिहाई की मांग कर बड़ा प्रदर्शन करने वाले आदिवासियों से 22 अक्टूबर को खुद मिलने का वादा किया है। उसके बाद इस मामले में बात किया जाएगा।

कुआकोंडा में दोपहर 12 बजे सभा की शुरुआत हुई। पहली वक्ता के तौर पर सामजिक कार्यकर्ता सोनी सोरी ने कहा कि हमारे निर्दोष भाई-बहनों, जिन्हें नक्सल मामलों में फंसाकर जेल में बंद किया गया है, उनकी रिहाई के लिए हम यहां जमा हुए हैं। इसके अलावा हमारी सात अन्य मांगे भी हैं, जिन्हें तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।

इसके बाद सभा में एक के बाद एक अलग-अलग गांवों से आए सरपंचों ने भी अपनी बातें रखीं। इसके बाद अचानक ही लोगों ने मांग रख दी कि धरना स्थल पर आबकारी मंत्री कवासी लखमा को बुलाया जाए और वो सरकार से हमारी बात करवाएंगे।

आंदोलनकारियों की मांग को देखते हुए सरकार की ओर से विधायक देवती कर्मा और विक्रम मंडावी पहुंचे। दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद दोपहर बाद 3 बजे ही आंदोलन खत्म कर दिया गया। जबकि आंदोलन के लिए शाम 4 बजे तक की अनुमति ली गई थी।

इधर आंदोलन के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। भीड़ पर नजर रखने ड्रोन कैमरों की भी मदद ली गई। आंदोलन खत्म होने के बाद सोनी सोरी और सुनीता, हिड़मे ने कहा हम सरकार से एक बार फिर बात करेंगे। अगर हमारी मांगें नहीं मानी गईं तो इससे बड़ा आंदोलन होगा।

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