सीएम भूपेश नहीं होंगे शामिल: नक्सल प्रभावित इलाकों के हालात की गृह मंत्री शाह करेंगे समीक्षा

बड़े अफसर रहेंगे मौजूद

नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्रालय ने रविवार (आज) को नक्सल प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों की बैठक बुलाई है. गृह मंत्री अमित शाह इन मुख्यमंत्रियों के साथ नक्सल प्रभावित इलाकों की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा करेंगे. बताया जा रहा है कि देश के सबसे प्रभावित राज्य छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल इसमें शामिल नहीं होंगे. वहीं, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे इस बैठक में हिस्सा ले रहे हैं. उद्धव के साथ इस बैठक में महाराष्ट्र के मुख्य सचिव सीताराम कुंते और डीजीपी संजय पांडेय भी शामिल होंगे.

हालांकि, छत्तीसगढ़ की तरफ से भी दो प्रतिनिधि इस बैठक में शामिल हो रहे हैं. राज्य के डीजीपी और चीफ सेक्रेटरी दिल्ली में हैं जो इस बैठक में शामिल हो रहे हैं. बताया जा रहा है कि बघेल का आज दिल्ली जाने का कार्यक्रम नहीं है. इसमें महासमुंद जाएंगे. यहां स्थानीय कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. यह बैठक दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में होगी. उद्धव ठाकरे दिल्ली एयरपोर्ट से मीटिंग में हिस्सा लेने के लिए विज्ञान भवन जाएंगे. यह बैठक 2 बजे तक चलेगी. इसके बाद वे महाराष्ट्र के लिए रवाना होंगे.

इस बैठक की अध्यक्षता गृह मंत्री अमित शाह करेंगे. इस बैठक में राज्य के मुख्यमंत्रियों के साथ ही मुख्य सचिव और डीजीपी को भी बुलाया गया है. इस बैठक का फोकस सुरक्षा के साथ साथ विकास जैसे मुद्दों पर है. इसमें केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला, आईबी डायरेक्टर अरविंद कुमार और गृह मंत्रालय के तमाम बड़े अफसर शामिल होंगे. सीआरपीएफ के डीजी भी इस बैठक में शामिल होंगे. अमित शाह ने बैठक के लिए 10 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को बुलाया. ताकि इन राज्यों में नक्सल गतिविधियों की जानकारी ली जा सके. साथ ही बैठक में नक्सलियों से निपटने के लिए उठाए जाने वाले कदमों पर भी चर्चा होगी. बैठक में छत्तीसगढ़ के बाद झारखंड और ओडिशा पर विशेष जोर दिया जाएगा. आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र चाहता है कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों के अभियान तेज किए जाएं. सूत्रों का कहना है कि राज्य पुलिस ऑपरेशन का नेतृत्व करती है. लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि इन ऑपरेशन्स में कमी देखी गई है. राज्य के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि नक्सलियों के खिलाफ ऑपरेशन्स अधिक आक्रामक होने चाहिए, लेकिन ये पिछड़ते नजर आ रहे हैं.

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