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सीएम केजरीवाल – कोरोना के मामले बढ़ने की स्थिति से निपटने के लिए सरकार तैयार

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोमवार को कहा कि अगर राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस संक्रमण के मामले बढ़ते हैं तो उनकी सरकार इस स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। हालांकि, केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में लॉकडाउन के चौथे चरण में कई सारी रियायतें देने के बाद भी स्थिति नियंत्रण में है।

दिल्ली सीएम केजरीवाल ने सोमवार को ऑनलाइन प्रेस वार्ता में बताया कि दिल्ली कोरोना से लड़ने को कितनी तैयार है। केजरीवाल ने कहा कि कोरोना अभी कहीं जाने वाला नहीं है, ऐसे में लॉकडाउन में ढील देना जरूरी था जिससे लोगों का काम चल सके। उन्होंने बताया कि जितने मरीज आ रहे लगभग उतने ही ठीक भी हो रहे। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन का चौथा चरण शुरू होने के बाद से कोविड-19 के करीब 3,500 मामले सामने आए हैं। केंद्र ने कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए 25 मई को राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन की घोषणा की थी और 18 मई को इसका चौथा चरण शुरू हो गया था।

केजरीवाल ने कहा हालात नियंत्रण में

सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और हम पूरा ध्यान रख रहे हैं। प्राइवेट हॉस्पिटल में कोरोना मरीजों का इलाज न करने को लेकर केजरीवाल ने कहा कि ऐसा करने वाले अस्पतालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

लॉकडाउन में मिली छूट से लोग घबराएं नहीं

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि लॉकडाउन में मिली छूट से लोग घबराएं नहीं। कोरोना अभी कहीं जाने वाला नहीं है। केजरीवाल ने कहा कि कोरोना होता रहे, लेकिन लोग ठीक होकर घर जाते रहें तो दिक्कत नहीं है। बस मौत नहीं होनी चाहिए।’ केजरीवाल ने आगे कहा कि अबतक दिल्ली में 13418 केस सामने आए हैं जिसमें से 6 हजार से ज्यादा लोग ठीक होकर घर जा चुके हैं।

सरकारी और प्राइवेट हॉस्पिटल में कितने बेड यह भी बताया

केजरीवाल ने बताया कि सरकारी हॉस्पिटल में कुल 3829 बेड हैं, जिनमें से 3164 में ऑक्सीजन की सुविधा है। उन्होंने कहा कोरोना से इलाज में ऑक्सिजन की जरूरत सबसे ज्यादा होती है। उन्होंने बताया कि इनमें से1500 बेड भरे हुए हैं बाकी 2500 करीब अभी खाली हैं। सरकारी हॉस्पिटलों में 250 वेंटिलेटर हैं जिनमें से सिर्फ 11 वेंटिलेटर यूज हो रहे। प्राइवेट हॉस्पिटल में फिलहाल 677 कोरोना बेड हैं। इसमें से 509 भर चुके हैं। उनके पास 72 वेंटिलेटर हैं जिनमें से 15 यूज हो चुके हैं।

केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में ज्यादातर केस माइल्ड हैं, जिसमें थोड़ा सा बुखार या थोड़ी सी खांसी होती है। कई मरीजों में यह भी नहीं, उन्हें टेस्ट के बाद ही पता लगता है कि कोरोना है। ऐसे करीब 3314 लोगों का घर पर ही इलाज चल रहा है। वहीं 2 हजार के करीब मरीज हॉस्पिटलों में हैं। घर पर इलाज के दौरान टीम लगातार मरीज के संपर्क में रहती है।

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