छत्तीसगढ़

शांति कोल डिपो में कोयले की अफरा-तफरी

बिलासपुर।

हिर्री क्षेत्र के पेंड्री स्थित होंडा शो रूम के पीछे शांति कोल डिपो में लंबे समय से कोयले की अफरा-तफरी की जा रही थी। कोल डिपो संचालक व उसके कर्मचारी हिंद एनर्जी कोल वाशरी के कोयले में हेराफेरी कर रहे थे। मामला सामने आने के बाद आरोपियों के खिलाफ अमानत में खयानत का अपराध दर्ज किया गया है।

दो दिन पहले पुलिस की टीम ने हिर्री क्षेत्र के पेंड्रीडीह स्थित शांति कोल डिपो में दबिश दी। इस दौरान कोयले की अफरा-तफरी की जा रही थी।

पुलिस ने ट्रेलर क्रमांक सीजी 12 सी 2461 के चालक राकेश कुमार जांगड़े व ट्रेलर क्रमांक सीजी 12 सी 2460 के चालक राकेश कुमार कुर्रे को पकड़ लिया।

उन्होंने पूछताछ में बताया कि कोयले को दीपका खदान से मस्तूरी क्षेत्र के गतौरा स्थित हिंद एनर्जी एंड कोल बेनिफिकेशन में खाली करना था। लेकिन इससे पहले दोनों चालक ट्रेलर को लेकर पेंड्री स्थित शांति कोल डिपो पहुंच गए थे।

वहां डिपो में अच्छी क्वालिटी के कोयले को खाली कर उसमें घटिया क्वालिटी का कोयला लोड किया जा रहा था। मामला सामने आने के बाद पुलिस अफसरों ने हिंद कोल वाशरी प्रबंधन से संपर्क किया। प्रबंधन ने अपने लीगल ऑफिसर वरुण सिंह को कार्रवाई करने कहा।

आरोपी चालकों ने कोल वाशरी प्रबंधन व पुलिस को बताया कि डिपो संचालक लक्की सरदार व उसके कर्मचारियों के कहने पर कोयले में अफरा-तफरी कर रहे थे।

लीगल ऑफिसर वरुण सिंह ने इस मामले की रिपोर्ट मस्तूरी थाने में दर्ज कराई है। उनकी रिपोर्ट पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 407 के तहत अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया है।

2 माह में 25 ट्रेलर कोयले की हुई हेराफेरी

पूछताछ में दोनों ट्रेलर चालकों ने बताया कि पिछले दो माह में चालकों ने मिलकर 25 ट्रेलर में लोड कोयलों की अफरा-तफरी की है। जाहिर है कि वाहन चालकों के साथ मिलीभगत कर ही कोल डिपो संचालक इस तरह से कोयलों में हेराफेरी करते हैं।

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