धड़ल्ले से चल रहा कोल माफियों का कारोबार, लगाम लगाने में पुलिस नाकाम

भरत ठाकुर :

बिलासपुर: हिर्री क्षेत्र के साथ ही मुंगेली जिले के सरगांव व आसपास में बड़े पैमाने पर कोयले की अफरा-तफरी चल रही है। सिर्फ दिखावे के लिए अफसरों के निर्देश पर पुलिस छापेमारी करती है।

इसके बाद फिर से कोयलों में मिलावट का खेल शुरू हो जाता है। स्थिति यह है कि रोज रात में कोल डिपो के आसपास कोयले से भरे ट्रक व ट्रेलरों की कतार लगी रहती है।

जिले में सक्रिय कोल माफियाओं का जाल अब हिर्री ही नहीं बल्कि मुंगेली क्षेत्र के सरगांव, पथरिया के साथ-साथ सरहदी क्षेत्र बेमेतरा तक पहुंच गया है, जहां दर्जनभर से अधिक कोल डिपो संचालित हो रहे हैं।

कोयले के अवैध कारोबार की सूचना पर थानेदार भी आंख मूंद लेते हैं। थानों की पुलिस सिर्फ अफसरों के इशारे पर कार्रवाई करती है। खनिज अफसरों के साथ ही पुलिस की मिलीभगत से हिर्री क्षेत्र में आधा दर्जन से अधिक कोल डिपो संचालित हैं, जहां आधी रात के बाद ही कोयले की अफरा-तफरी शुरू होती है।

पुलिस अफसरों के निर्देश पर सप्ताहए पंद्रह या महीने में एक बार कार्रवाई कर पुलिस भी औपचारिकता पूरी कर लेती है।

जेल भेजे गए मुंशी व चालकए डिपो संचालक पर नहीं हुई कार्रवाई

सोमवार रात हिर्री क्षेत्र के मोहदा मोड़ के कृष्णा कोल डिपो में पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस दौरान मुंशी सूर्यप्रकाश गुप्ता व ट्रेलर चालक सुंदरलाल को पकड़ लिया। जांच के दौरान डिपो से 50 टन कोयला जब्त किया। साथ ही ट्रेलर व जेसीबी को भी जब्त कर चोरी के संदेह पर कार्रवाई की गई।

पुलिस की पूछताछ में मुंशी ने डिपो संचालक अमित ओबेराय का नाम बताया था। फिर भी पुलिस ने इस मामले में उसे आरोपी नहीं बनाया है। वहीं पुलिस ने कृष्णा कोल डिपो को सील तक नहीं किया है। बुधवार को पुलिस ने आरोपित मुंशी व चालक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

मामले की जांच की जा रही है। आरोपित मुंशी व चालक को जेल भेज दिया गया है। कोल डिपो संचालक को नोटिस देकर दस्तावेज की मांग की गई है। सूचना मिलने पर कोल डिपो में कार्रवाई की जा रही है। कृष्णा कोल डिपो को सील नहीं किया गया है।

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