राष्ट्रीय

गठबंधन का पता नहीं, CBI जांच पर अखिलेश के साथ आई कांग्रेस

नई दिल्ली।

लोकसभा चुनाव के लिए यूपी में एसपी-बीएसपी का गठबंधन करीब-करीब फाइनल हो चुका है, बस ऐलान होना बाकी है। गठबंधन में कांग्रेस को जगह मिलेगी या नहीं, यह सवाल अभी भी बना हुआ है। हालांकि, कांग्रेस अवैध खनन मामले में घिरे एसपी प्रमुख अखिलेश यादव के साथ पूरी मजबूती से खड़ी दिख रही है।

अखिलेश पर सीबीआई जांच की तलवार लटकने के बाद कांग्रेस ने न सिर्फ उनका बचाव किया है, बल्कि बीजेपी पर विरोधियों को फंसाने का भी आरोप लगाा है। पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष राजबब्बर और अब वरिष्ठ कांग्रेसी नेता कपिल सिब्बल ने अखिलेश का बचाव किया है।

अवैध खनन मामले में सीबीआई के छापों को एसपी-बीएसपी के बीच हुए गठबंधन से जोड़ते हुए सिब्बल ने कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ आवाज उठाता है, उसके खिलाफ छापे पड़ने लगते हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘अब जब एसपी-बीएसपी के गठबंधन की खबरें आ रही हैं तो अखिलेश के खिलाफ छापे शुरू हो गए हैं। इसकी पहले से उम्मीद थी, जो भी उनके (बीजेपी) खिलाफ बोलेगा, उसके यहां छापे पड़ेंगे। यह सरकार इसी तरह काम कर रही है।’ हालांकि, बीजेपी का कहना है कि सीबीआई छापों का एसपी-बीएसपी गठबंधन से कुछ भी लेना देना नहीं है।

एसपी-बीएसपी गठबंधन का बस ऐलान होना बाकी

यूपी में समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के बीच गठबंधन का बस औपचारिक ऐलान होना बाकी है। यह एसपी प्रमुख अखिलेश यादव के रविवार को दिए उस बयान से भी जाहिर होता है कि एकाध हफ्ते में इसका ऐलान हो सकता है। एसपी मुखिया ने गठबंधन से जुड़े सवाल पर कहा, ‘गठबंधन का समय भी पता लगेगा आपको। बस, एकाध हफ्ते की बात है।’

एसपी-बीएसपी गठबंधन से छापों का कोई लेना-देना नहीं: डेप्युटी सीएम

अवैध खनन मामले में विपक्ष द्वारा सीबीआई छापों की टाइमिंग पर सवाल को बीजेपी ने खारिज किया है। यूपी के डेप्युटी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि जांच एजेंसियां दोषियों पर कार्रवाई करती रहेंगी, चुनाव से पहले उनका काम बंद थोड़े न हो जाता है। मौर्य ने कहा, ‘अगर राजनीतिक दल यह चाहते हैं कि चुनाव से पहले जांच एजेंसियों के कार्यालयों पर ताला लगा दिया जाए तो ऐसा संभव नहीं है। राजनीतिक दलों को किसी भी जांच एजेंसी के खिलाफ बयान देने से पहले 4 बार सोच लेना चाहिए।’

हाई कोर्ट के आदेश पर सीबीआई कर रही है अवैध खनन की जांच

बता दें कि यूपी की पूर्ववर्ती एसपी सरकार के शासनकाल में वर्ष 2012 से 2016 के बीच राज्य में अवैध खनन मामले में सीबीआई ने शनिवार को लखनऊ में आईएएस अधिकारी बी. चंद्रकला के घर पर छापा मारा था। सीबीआई ने बुंदेलखण्ड में अवैध खनन के मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट के आदेश पर चंद्रकला समेत 11 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया है।

वर्ष 2012-13 में खनन विभाग तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पास था। सीबीआई उनसे भी पूछताछ कर सकती है। दरअसल, इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 28 जुलाई 2016 को सीबीआई को यह आदेश दिया कि वह सूबे में अवैध खनन की जांच करे। हाई कोर्ट ने सीबीआई को यूपी के 5 जिलों- शामली, हमीरपुर, फतेहपुर, देवरिया और सिद्धार्थ नगर में अवैध रेत खनन के आरोपों की जांच करने को कहा।

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