चीन से आयात होने वाली वस्तुओं में बड़ी मात्रा में हवाला कारोबार की आशंका : CAIT

इस विषय की गंभीरता को देखते हुए कैट ने सरकार से की मांग

नई दिल्ली: चीन के द्वारा आने वाले सामानों की कम कीमत और उनके स्तुओं में बड़ी मात्रा में हवाला कारोबार की आशंका को देखते हुए कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने इस विषय की गंभीरता को देखते हुए कैट ने सरकार से मांग की है और कहा कि इस मामले के सभी पहलुओं की गहराई से जांच की जाए और दोषी लोगों को पकड़ा जाए.

यह भी कहा गया है कि इसमें कहीं न कहीं भारतीय बंदरगाह के अधिकारियों की मिलीभगत है. कैट के मुताबिक, चीन से आयात होने वाला सामान लागत से भी कम मूल्य पर बिल होकर आता है और उसी के अनुसार उस पर ड्यूटी और आईजीएसटी लगता है. इससे सरकार को राजस्व के मोर्चे पर बड़ा नुकसान होता है.

कुछ मामलों में सामान के मुताबिक नहीं होता बिल

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीसी भरतिया और सेक्रेटरी जनरल प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि हमारे देश में चीन से आयात होने वाला अधिकांश सामान बेहद कम मूल्य की बिलिंग पर आता है. अनेक मामलों में सामान कुछ आता है और उसका बिल कुछ और होता है, जिससे उस पर कम से कम ड्यूटी और आइजीएससटी लगे. यदि माल और बिल में लिखे माल का मिलान किया जाए तो पता लगेगा दोनों में कितना फर्क है. इस बात को ध्यान में रखते हुए भारतीय बंदरगाहों पर चीन से आने वाले सामान पर बेहद कड़ी निगरानी की आवश्यकता है.

इंपोर्टर के साथ अधिकारियों की भी मिलीभगत

भरतिया और खंडेलवाल ने यह भी कहा कि इस मामले में इंपोर्टर के साथ-साथ विभिन्न विभागों के अधिकारियों की मिलीभगत होती है. इसके कारण बहुत सुगमता के साथ यह व्यापार लम्बे अर्से से चल रहा है और न केवल भारतीय बाजार को खराब कर रहा है बल्कि देश की सुरक्षा के लिए भी एक बड़ा सवाल बन गया है.

बिना बिल इंपोर्टर बेच देते हैं सामान

उन्होंने यह भी कहा कि जो लोग चीन से माल मंगाते है और उस पर आईजीएसटी देते हैं, उनको कायदे से आईजीएसटी का इनपुट क्रेडिट लेना चाहिए. लेकिन यदि इस मामले की छानबीन की जाएगी तो पता लगेगा की किसी ने भी इनपुट क्रेडिट क्लेम नहीं किया है क्योंकि सारा माल बाजार में बिना बिल के बेच दिया जाता है. इस वजह से ये माल सस्ता हो जाता है. वहीं हमारे घरेलू उत्पाद क्योंकि पूरा टैक्स देते हैं, इस वजह से चीनी माल से महंगे रहते हैं.

Back to top button