पढ़ाई तुंहर द्वार योजना के सफल क्रियान्वयन पर कलेक्टर भीम सिंह ने शिक्षक एवं विद्यार्थियों से की विडियो कॉल पर चर्चा

कोविड-19 के दौरान छ.ग. शासन ने शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पढ़ाई तुंहर द्वार योजना का शुभारंभ किया।

रायगढ़ : कोविड-19 के दौरान छ.ग. शासन ने शिक्षा व्यवस्था को सुचारु रखने और शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए पढ़ाई तुंहर द्वार योजना का शुभारंभ किया। योजनांतर्गत शिक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए शिक्षा को विद्यार्थियों के द्वार तक लाने का प्रयास किया गया। जिसके तहत शिक्षक विद्यार्थी को अध्ययन का कार्य उनके घर के नजदीक पारा-मोहल्ला में अध्ययन का कार्य किया गया। जिसका लाभ विद्यार्थियों को प्रत्यक्ष रूप से मिला।

कलेक्टर भीम सिंह ने धरमजयगढ़ विकास खण्ड के प्राथमिक शाला बोजिया के प्रधान पाठक से वीडियो काल पर चर्चा किया। जिसमें प्रधान पाठक ननशी राम चन्द्रा ने बताया कि उन्होंने स्वयं के खर्च से बोजिया गांव के सभी गली-मोहल्लों में 200 से अधिक दिवाल चित्र लेखन का कार्य कराया है।

जिसे उन्होंने आटो स्कूल का नाम दिया है। ऑटो स्कूल का आशय जब भी बच्चा अपने घर से बाहर निकले तो वह दिवालों पर लिखे चित्र लेखन के साथ ही अपना स्वयं ही अध्ययन का कार्य प्रारंभ करें। प्रधान पाठक ने चर्चा के दौरान कलेक्टर सिंह को बताया कि इस प्रकार का प्रयास छ.ग. में पहली बार किसी स्कूल के द्वारा किया गया है।

कलेक्टर सिंह ने प्रधान पाठक को इस प्रकार के नवीन प्रयोग के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी तथा अन्य शिक्षकों और स्कूलों को भी शिक्षा के क्षेत्र में नवीन प्रयोग हेतु प्रयास करने को कहा। कलेक्टर सिंह से चर्चा कर बोजिया स्कूल के प्रधान पाठक एवं अन्य शिक्षकों और विद्यार्थियों में काफी खुशी और उत्साह का संचार हुआ। बोजिया स्कूल के प्रधान पाठक ने कलेक्टर एवं शासन प्रशासन का आभार व्यक्त किया तथा शिक्षा के क्षेत्र में और अच्छे कार्य करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर किया।

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