कलेक्टर ने जिला अस्पताल का किया निरीक्षण, कामकाज की ली जानकारी

जनहित में इन्हें और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके अभिभावकों से भी मुलाकात की।

आलोक मिश्रा

बलौदाबाजार। कलेक्टर कार्तिकेया गोयल ने जिला अस्पताल का आकस्मिक निरीक्षण किया। वह करीब दो घण्टे तक जिला अस्पताल में थे। मरीजों की सुविधाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा की गई व्यवस्था और उनके इस्तेमाल का बारीकी से मुआयना किया।

उन्होंने अस्पताल के प्रत्येक वार्ड और विभाग के काम-काज की जानकारी ली। जनहित में इन्हें और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके अभिभावकों से भी मुलाकात की।

अस्पताल प्रबंधन द्वारा दी जा रही सुविधाओं की जानकारी ली। आपको बता दें कि लगभग 500 ओपीडी मरीज प्रतिदिन यहां इलाज करवाने आते हैं। जिला पंचायत के सीईओ एस जयवर्धन, अपर कलेक्टर जोगेन्द्र नायक, सीएमएचओ डॉ. योगेश शर्मा, सिविल सर्जन डॉ. अभय सिंह परिहार, एसडीएम तीर्थराज अग्रवाल सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे।

कलेक्टर कार्तिकेय गोयल ने निरीक्षण के दौरान प्रवेश द्वार पर इसका ले-आऊट नक्शा प्रदर्शित किया। इससे मरीजों को किसी भी वार्ड रूम या जरूरी जगहों पर पहुंचने में सहायता मिले।

अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं के लिए निर्धारित फीस की तालिका लगाई जाएं। इसमें बड़े अक्षरों में प्रिन्ट किया जाएं, जिससे लोगों को समझने में आसानी मिले। जिन लोगों को निःशुल्क सुविधा दिया जाना है, उनका भी उल्लेख किया जाए।

मेडिकल उपकरणों और कक्षों के बाहर चिपकाएं जाए स्टीकर

अस्पताल की सेवाओं के विस्तार में डीएमफ फण्ड का इस्तेमाल भी किया गया है। उन्होंने ऐसे मेडिकल उपकरणों और कक्षों के बाहर इसकी उपयोगिता की पहचान के लिए स्टीकर चिपकाने को कहा है।

कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान क्लब फूट का आपरेशन कराए बच्चों और उनके अभिभावकों से भी मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अस्पताल से छूट्टी के बाद इन्हें गांवों में देख-भाल के लिए आंगनबाड़ी कायकर्ता और आशा वर्करों को जिम्मेदारी दी जाए और उन्हें बाकायदा प्रशिक्षित भी किया जाए।

दवाई स्टोर रूम का किया निरीक्षण

उन्होंने दवाई स्टोर रूम का निरीक्षण किया। कलेक्टर ने कहा कि कालातीत हो चुके दवाईयों का अलग रिकार्ड रखें। कालातीत होने के पहले दवाईयों का पूर्ण इस्तेमाल करने पर जोर दिया।

कलेक्टर ने कहा कि जनता के गाढ़े कमाई से मरीजों को निःशुल्क दवाईयां खरीदी जाती है, इसलिए एक-एक टेबलेट का सदुपयोग होने चाहिए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल में ब्लड बैंक सुविधा शुरू होने पर संतोष प्रकट किया।

उन्होंने इसकी कार्य-प्रणाली समझी और बैंक में ज्यादा से ज्यादा रक्त संग्रहण के लिए लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पैथाॅलाजी वार्ड को भी देखा। विभिन्न प्रकार के करीब 150 पैथौलाजी जांच हर दिन किया जाता है।

एमसीएच अस्पताल की ली जानकारी

जीवनदीप समिति के काम-काज की जानकारी ली और इसका फण्ड और बढ़ाने के उपाय सुझाने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में ही निर्माणाधीन एमसीएच अस्पताल की जानकारी ली और इसके इंजीनियर को पूरी प्लान के साथ टीएम बैठक में उपस्थित होने के सख्त निर्देश दिए।

अस्पताल में रखे गए ऑक्सीजन सिलेण्डर कक्ष का भी अवलोकन किया और ठीक से ज्वलनशील सामग्री से दूर रखने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की संख्या के अनुरूप जिले में पोषण पुनर्वास केन्द्र नहीं हैं।

सफाई व्यवस्था बनाएं रखने की दी हिदायत

केवल दो-कसडोल और पलारी में संचालित हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विकासखण्ड मुख्यालय में होने चाहिए ताकि बच्चों को अपने इस योजना का ज्यादा से ज्यादा फायदा मिल सके। उन्होंने जिला अस्पताल की सफाई व्यवस्था का भी अवलोकन किया।

शौचालयों को और अच्छे तरीके से साफ करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर आर्थो सर्जन डाॅ. एस.एस. वाजपेयी, ब्लड बैंक प्रभारी डाॅ.वर्मा, डीपीएम सृष्टि मिश्रा, डाॅ. नेहा सहित अस्पताल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।

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