छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने जिले को जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया

धमतरी : जिले में औसत वर्षा से कम वर्षा होने, अल्पवृष्टि, खण्डवृष्टि के कारण भूमिगत जल स्तर में परीलक्षित हो रही गिरावट के फलस्वरूप नलकूप, नलजल प्रदाय योजना, सिंगल फेस पावर पम्प आदि से जल की आपूर्ति प्रभावित होने तथा ग्रीष्मऋतु में इसके और भी गहराने की संभावना है।

इसे दृष्टिगत रखते हुए पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित् करने एवं पेयजल की निरंतरता बनाए रखने के लिए छत्तीसगढ़ पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1986 की धारा 3 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को उपयोग में लाते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी रजत बंसल ने सम्पूर्ण धमतरी जिले को आज से आगामी मानसून आगमन अथवा जून 2019 तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किए हैं।

उक्त आदेश के तहत् कलेक्टर की अनुज्ञा के बिना जलाभावग्रस्त क्षेत्र के जलस्त्रोत से सिंचाई, औद्योगिक प्रयोजन अथवा अन्य प्रयोजन के लिए जल लेना प्रतिषेध होगा। जिले में उक्त अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप, पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा।

किन्तु शासकीय एजेंसी जैसे- लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सम्पूर्ण जिले में नगरपालिक निगम एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल हेतु अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हंे केवल इस अवधि में खनन कराए गए नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा।

कलेक्टर ने उक्त आदेश के सफल क्रियान्वयन के लिए राजस्व अधिकारियों को प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। इसके तहत् अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी धमतरी को धमतरी नगर पालिक निगम सीमा के अंतर्गत संपूर्ण क्षेत्र के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है।

इसी तरह अनुविभागीय अधिकारी राजस्व धमतरी, कुरूद और नगरी को अपने-अपने सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया गया है। नियुक्त प्राधिकृत अधिकारी अपने प्राधिकृत क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ पेयजल परीरक्षण अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन अथवा जल स्त्रोतों का दोहन करते पाए जाने पर संबंधित के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित् करेंगे। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है।

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