छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने किया वीटीपी संस्थाओं का औचक निरीक्षण

राजनांदगांव । कलेक्टर भीम सिंह ने आज जिले में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के अंतर्गत संचालित किये जा रहे वीटीपी का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग प्रोवाइडर यह सुनिश्चित करें कि प्रशिक्षार्थी रोज आएं। इसके लिए बायोमीट्रिक मशीन में आने-जाने दोनों का समय दर्ज करें। ट्रेनिंग के दौरान जो मानक शासन ने तय किए हैं उन्हें पूरा करें अन्यथा कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर सिंह ने व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदाता संस्थाओं को अपने संस्थान में बुनियादी सुविधाएं एवं प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधन मुहैया कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने कौशल विकास केंद्रों में प्रशिक्षार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर भीम सिंह ने बसंतपुर रोड राजनांदगांव स्थित ग्रेस सोशल डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन में पहुँचकर कूकिंग के प्रशिक्षण का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संचालक से प्रशिक्षार्थियों की उपस्थिति पंजी का अवलोकन किया। उन्होंने संस्थान में पिछले तीन दिनों के अभ्यर्थियों की बायोमीट्रिक मशीन द्वारा ली जा रही उपस्थिति चेक की। यहां उन्होंने प्लेसमेंट की जानकारी भी ली। उन्होंने पूछा कि संस्थान से प्रशिक्षित लोग अभी कहां-कहां जॉब कर रहे हैं। क्या उन्होंने स्वयं का व्यवसाय शुरू किया है। ट्रेनिंग से उन्हें किस तरह का लाभ हुआ है। उन्होंने कहा कि हर दिन सभी प्रशिक्षार्थी प्रशिक्षण लेने आए, तभी उन्हें प्रशिक्षण का पूरा लाभ हो पाएगा। इसके बाद कलेक्टर हरि अंजना प्रशिक्षण एवं कल्याण समिति पहुँचे और प्रशिक्षण कार्य का जायजा लिया। यहां केवल एक टॉयलेट की सुविधा ही होने पर कलेक्टर नाराज हुए, यहां प्रशिक्षार्थियों के बैठने के लिए टेबल भी कम थे। कलेक्टर ने प्रशिक्षणार्थियों से बातचीत भी की। उन्होंने पूछा कि प्रशिक्षण प्रदाताओं द्वारा आपको पूरी सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है या नहीं। उन्होंने पूछा कि आप ट्रेनिंग करने के बाद अपना व्यवसाय उपलब्ध कराने के लिए लोन लेना चाहेंगे। इच्छुक प्रतिभागियों के आवेदन पर कार्रवाई करने के निर्देश भी उन्होंने दिए। यहां उन्होंने प्रैक्टिकल कक्ष का अवलोकन भी किया। प्रशिक्षक भारती कौशिक ने बताया कि यहाँ 28 प्रशिक्षणार्थियों में 26 प्रशिक्षणार्थी रोज आ रहे हैं। कलेक्टर ने अनुबंध के अंतर्गत दी जाने वाली सभी सुविधाएं प्रशिक्षणार्थियों के लिए सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके बाद वे गंज चौक स्थित वसुधा फाउंडेशन ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी पहुँचे, यहाँ बार बेंडिंग, मैसन प्लंबर की ट्रेनिंग दी जा रही थी। यहां प्रैक्टिकल की समुचित सुविधा नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की, साथ ही अधोसंरचना से जुड़ी कमियों को ठीक करने निर्देशित किया। प्रशिक्षणार्थियों के आने तथा जाने दोनों समय उन्होंने बायोमीट्रिक मशीन में दर्ज करने के निर्देश दिए। इस दौरान सहायक कलेक्टर डॉ. रवि मित्तल भी उपस्थित थे।

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