मध्यप्रदेशराज्य

चौबीस खंबा माता मंदिर में कलेक्टर ने देवी मां को लगाया मदिरा का भाेग

ढोल-बाजों के साथ गुदरी स्थित माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत हुई

उज्जैन: मध्य प्रदेश के उज्जैन के खंभा माता मंदिर में नवरात्रि की अष्टमी पर मदिरा चढ़ाने की परंपरा सैकड़ों वर्षों से चली आ रही है। इस साल लाॅकडाउन के कारण इस परंपरा का निर्वहन नहीं हो पाया था।शनिवार को कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी मनोज सिंह मंदिर पहुंचे। ढोल-बाजों के साथ गुदरी स्थित माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत हुई।

कलेक्टर ने मदिरा की धार चढ़ाकर पूजा शुरू की। यह पूजा माता, भैरव और हनुमान मंदिर समेत कुल 40 मंदिरों में हुई। 26 किलोमीटर की पैदल यात्रा के पूरे होने के बाद इस पूजा में 5 किलो सिंदूर, दो डिब्बे तेल, 25 बोतल मदिरा समेत 39 प्रकार की विशेष पूजन सामग्री रखी जाती है।

राजा विक्रमादित्य ने की शुरुआत

जानकारों का कहना है कि महामारी से बचने के लिए राजा विक्रमादित्य शहर स्थित चौबीस खंभा माता मंदिर पर मदिरा चढ़ा कर पूजा करते थे। उसी समय से नगर पूजा की यह परंपरा चली आ रही है। इस साल नवरात्रि पर यह पूजा नहीं हो सकी थी।

हर साल नवरात्रि में होती है पूजा

नवरात्रि में महाअष्टमी के दिन उज्जैन में प्रशासन नगर पूजा का आयोजन करता है। जिले के कलेक्टर और अन्य अधिकारी सुबह गुदरी चौराहा स्थित चौबीस खंभा माता मंदिर में मदिरा की धार चढ़ाकर नगर पूजन की शुरुआत करते हैं। इसके बाद शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर पर दोपहर 12 बजे शासकीय पूजा होती है। यह नगर पूजा अंकपात मार्ग स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर पर रात 8 बजे समाप्त होती है।

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