दानीटोला में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत् आयोजित स्वास्थ्य शिविर का कलेक्टर ने किया निरीक्षण

राजशेखर नायर

धमतरी. कलेक्टर रजत बंसल ने धमतरी के दानीटोला वार्ड के बैगापारा में मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत् लगाए गए निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर चलित चिकित्सा दल का मुआयना कर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅं. डी.केे. तुर्रे को निर्देशित किया कि संबंधित वार्ड में स्वास्थ्य शिविर लगाने से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार एवं मुनादी की व्यवस्था सुनिश्चित करें।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी शिविर लगाने के पूर्व अवगत कराएं, जिससे कि अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठा सकें। उन्होंने मोबाइल यूनिट को निर्देशित किया कि वे साथ आवश्यक दवाईयों की समुचित व्यवस्था रखें, जिससे मरीजों को दवाईयों के लिए इधर-उधर भटकना न पड़ें और मौके पर ही उन्हें दवाईयां उपलब्ध हों। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान 15 लोगों ने स्वास्थ्य शिविर का लाभ लिया था और यह जांच शिविर दिनभर उस क्षेत्र में मरीजों की जांच करेगी।

मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना

ज्ञात हो कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 150 वीं जयंती के अवसर पर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में शहरी मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य सुविधा को प्रभावी और सुदृढ़ करने के लिए मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना की शुरूवात जिले में भी की गई। इसके तहत् अब तक धमतरी नगर निगम के 809 हितग्राही लाभान्वित हुए है। गौरतलब है कि चलित चिकित्सा दल के माध्यम से शहरी मलिन बस्तियों में निःशुल्क जांच शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि अब तक धमतरी शहर के विभिन्न वार्डाें में लगाए गए 16 शिविरों के माध्यम से 809 मरीजों का ईलाज किया गया। इनमें मधुमेह के 110, प्रसव पूर्व जांच के 29, मलेरिया के 15, सिकलिंग के 07, गंभीर बिमारियों के 06 मरीज का चिन्हांकन कर इन छः मरीजों को उच्च स्वास्थ्य संस्था में स्वास्थ्य लाभ लेने के लिए रिफर किया गया।

बताय गया है कि धमतरी शहर में 25 हजार स्लम परिवार है। इनकी कुल जनसंख्या 71,032 है। इन परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा मुहैय्या कराने के लिए, मुख्य रूप से गर्भवती माताओं का प्रसव पूर्व जांच, किशोरियांे को स्वास्थ्य शिक्षा, मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए चिकित्सीय परामर्श, परिवार नियोजन, टीकाकरण, कुपोषित बच्चों की जांच के अलावा पैथलाॅजी जांच की जा रही है और ईलाज के साथ मुफ्त दवाईयां भी वितरित की जा रही है। साथ ही आपातकालीन स्थिति में मरीजों को उच्च स्वास्थ्य केन्द्रों में रिफर किया जा रहा है।

Back to top button