छत्तीसगढ़

कलेक्टर ने सुनी ग्रामीणों की गुहार, मिलेगी बिजली की रौशनी

बीजापुर : जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में 04 जिलों के सरहद व इंद्रावती नदी के तट पर बसे बैंगलूर ग्राम पंचायत में पहुंचकर कलेक्टर डॉ. अय्याज तम्बोली ने ग्रामीणों की मांगों को पूरा कर उनकी समस्याओं का निराकरण किया। ग्रामीणों की मांग पर तत्काल कोसलनार, मंगनार टुडेर व मलमली में बिजली लाईन विस्तार कर हर घर रौशन करने के निर्देश सीएसईबी को दिये। ग्रामीणों की मांग पर मंगनार व कोसलनार में मातागुडी के लिए 50-50 हजार रूपये की राशि की स्वीकृति मौके पर ही प्रदान की। शिविर में सीईओ जिला पंचायत डी राहुल वेंकट, एसडीएम सुरेद्र ठाकुर, सीईओ जनपद जाफरी, सरपंच बैंगलुर सुखमन कश्यप, सरपंच कोसलनार रघु कश्यप सरपंच मंगनार मनकु कश्यप व जनपद सदस्य सुभन कश्यप सहित सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैंगलूर ग्राम पंचायत के सडार में आयोजित जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर में कलेक्टर ने सभी ग्रामीणों से बारी बारी से उनकी समस्याएं पूछी और तत्काल निराकरण किया। शिविर में वृद्धावस्था पेंशन, विंकलांग पेंशन तथा विधवा पेंशन के प्रकरण लोक सुराज अभियान के दौरान प्राप्त हुए जिन्हें 02 दिन के भीतर निराकरण कर खाते में राशि डालने के निर्देश दिये गये। ग्रामीणों से राशन व मिट्टी तेल प्राप्त होने की जानकारी ली गई जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि आवागमन में बाधा के कारण कोसलनार में मिट्टी तेल नहीं पहुंच पाता है। जिस पर कलेक्टर ने समीप के गांव मुचनार में टैंकर प्रदान कर ग्रामीणों को मिट्टी तेल वितरण करने का निर्देश दिया। कोसनार के ग्रामीण सहदुराम को शौचालय निर्माण की राशि प्राप्त नहीं होने की शिकायत पर तत्काल बीआरसी भैरमगढ को बुलाकर भुगतान करने का निर्देश दिया गया। शिविर में सडार के ग्रामीण आयतुराम को कृषि सिंचाई पम्प की स्वीकृति दी गई। मंगनार के ग्रामीण विनय को सर्प काटने पर राहत राशि की स्वीकृति प्रदान की गई। पेयजल की समस्या के समाधान के लिए कोसलनार मंगनार सडार व बैंगलुर में सोलर पम्प की स्वीकृति प्रदान की गई। मंगनार में जमीन समतलीकरण व सामुदायिक भवन का कार्य की स्वीकृति ग्रामीणो की मांग पर दी गई।
शिविर में शिक्षा को 10 जनपद पंचायत को 10 सहित कुल 37 आवेदन प्राप्त हुए। जो सभी मांग से संबंधित थे। जिनका निराकरण होने पर ग्रामीणो में प्रसन्नता देखी गई।</>

Tags

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा.

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Back to top button