आर्सेनिक प्रभावित गांवों को शुद्ध पेयजल प्रदाय करने बनाये गए फिल्टर प्लांट देखने पहुँचे कलेक्टर

बेहतर तरीके से काम कर रहा था फिल्टर प्लांट, कलेक्टर ने कहा नियमित रूप से मानीटरिंग करते रहें, शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता

राजनांदगांव : कलेक्टर भीम सिंह ने आज अंबागढ़ चौकी स्थित 18 गाँवों को नलजल प्रदाय करने बनाये गए फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। वे सबसे पहले शिवनाथ के रेजरवायर में गए, जहाँ से पानी पंप कर फिल्टर प्लांट में भेजा जाता है। इसके पश्चात वे फिल्टर पहुँचे। यहाँ फिल्टर प्लांट में जल का शोधन अबाधित हो रहा था। पीएचई विभाग के कार्यपालन अभियंता रामटेके ने बताया कि नियमित रूप से फिल्टर प्लांट की मानीटरिंग की जा रही है और 18 गाँवों में इसके माध्यम से शुद्ध पेयजल प्रदाय किया जा रहा है। रामटेके ने बताया कि आर्सेनिक की मात्रा वाले सभी हैंडपंपों को बंद कर दिया गया है।

इसके लिए नागपुर की एजेंसी नीरी से विशेष सर्वे कराया गया था। नीरी ने सभी स्पॉट की जाँच की थी और इसके बाद नीरी द्वारा आर्सेनिक से चिन्हांकित हैंडपंपों को बंद करने की कार्रवाई की गई। कलेक्टर ने पीएचई विभाग के अधिकारियों से पूछा कि क्या इस नलजल योजना के माध्यम से पूरी आबादी की जरूरत पूरी हो पा रही है। इस पर रामटेके ने कहा कि गर्मी में अतिरिक्त माँग होती है और आबादी भी तेजी से बढ़ रही है। फिलहाल माँग पूरी हो रही है भविष्य में भी गाँवों में स्टोरेज कैपेसिटी बढ़ाकर एवं शुद्ध पेयजल का बेहतर प्रबंधन करने से किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।

इस मौके पर कलेक्टर ने गांव गौलीटोला में समाधान शिविर में भी ग्रामीणों से पेयजल के संबंध में बातचीत की। उन्होंने कहा कि मोंगरा में अभी टेस्टिंग चल रही है। एक अप्रैल से पानी मिलना आरंभ हो जाएगा। कातुलवाही, तुमड़ीकसा और बरसाटोला में पेयजल संबंधी शिकायत लोगों ने रखी। कलेक्टर ने कहा कि राइजर पाइप और सिंगल फेस से इसका समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसके अतिरिक्त अगर टैंकर से ट्रांसपोर्टेशन से संबंधित जरूरत पड़ेगी तो इसके लिए भी किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी। फिलहाल सभी जनपदों को ट्रांसपोर्टेशन के लिए राशि उपलब्ध करा दी गई है।

इसी तरह ग्राम गौलीटोला के वार्ड नंबर 3 और 4 में भी ग्रामीणों ने पेयजल संबंधी शिकायतें की जिसका निराकरण किया गया। कलेक्टर ने ग्राम गौलीटोला तथा ग्राम कुदुरघोड़ा में सोलर ड्यूल पंप लगाने के निर्देश भी क्रेडा के अधिकारियों को दिए। कलेक्टर ने कहा कि पेयजल सर्वोच्च प्राथमिकता है पीएचई विभाग के अधिकारी नियमित रूप से मानीटरिंग करें और शिकायतों का तुरंत समाधान करें। उन्होंने सचिवों को भी जनपद पंचायतों के रजिस्टर में पेयजल की स्थिति के फीडबैक लिखने के निर्देश दिए।

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