कलेक्टर वर्मा ने कहा-कोरोना की गंभीर स्थिति से बचने का सबसे अच्छा उपाय वैक्सीनेशन

होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन नहीं करने वालों पर करें कार्रवाई,साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक संपन्न

राजनांदगांव 04 मई 2021 : कलेक्टर टोपेश्वर वर्मा ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक लेकर कोरोना संक्रमण से सुरक्षा के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कंटेनमेंट जोन शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना जरूरी है। कोरोना से सुरक्षा के लिए जारी दिशा-निर्देशों एवं प्रोटोकॉल का सभी स्तरों में पालन होना चाहिए। शासन के निर्देशानुसार सीमावर्ती क्षेत्र को सील किया गया है।

अन्य राज्य से आने वाले सभी यात्रियों का निगेटिव रिपोर्ट एवं सैम्पलिंग लिया जा रहा है। इन यात्रियों की जानकारी पंजी में संधारित करें। जिससे प्रतिदिन आने वाले लोगों की संख्या की जानकारी मिल सके। उन्होंने कोविड-19 के 18 से 44 वर्ष आयु के वैक्सीनेशन की समीक्षा करते हुए कहा कि वैक्सीन लगाने वालों की संख्या में लगातार वृद्धि होना चाहिए। नागरिकों को यह समझाईश दें कि स्वास्थ्य विभाग, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता वैक्सीन लगाएं हैं, वे सुरक्षित होकर लगातार कार्य कर रहे हैं।

कलेक्टर वर्मा ने कहा

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि गांवों में सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर वैक्सीनेशन के बारे में लोगों को जागरूक करें। जिन स्थानों पर वैक्सीनेशन किया जा रहा है इसकी सूचना पहले दी जाए। साथ ही सभी सामुदायिक केन्द्रों में वैक्सीनेशन का कार्य किया जा रहा है। 45 वर्ष से अधिक उम्र वाले व्यक्ति जिन्होंने टीका का पहला डोज लगाया है उन्हें भी दूसरे डोज के लिए प्रेरित करें।

कोरोना की गंभीर स्थिति से बचने का सबसे अच्छा उपाय वैक्सीनेशन है। जिन लोगों को वैक्सीन लगाया जा रहा है उनसे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन लगातार संपर्क कर स्वास्थ्य की जानकारी लें। सर्दी, खांसी, बुखार लक्षण वाले मरीज, गर्भवती माताओं को वैक्सीन नहीं लगाना है। कुछ व्यक्तियों द्वारा टीकाकरण का दुष्प्रचार किया जा रहा है तथा इसके प्रति भ्रांति फैलाई जा रही हैं, उनपर एफआईआर की कार्रवाई होनी चाहिए। वैक्सीनेशन कराने वाले सभी व्यक्तियों का रिकार्ड सुरक्षित रखें। अनेक स्थानों पर झोलाछाप डॉक्टर मरीजों को भ्रमित कर रहे हैं। इन डॉक्टरो ंपर लगातार कार्रवाई करें।

कलेक्टर वर्मा ने कहा

कलेक्टर वर्मा ने कहा कि जिन गांवों में कोविड-19 के केस अधिक आ रहे हैं उन गांवों में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। गांव में होम आइसोलेशन में रहने वाले नागरिक प्रोटोकॉल का पालन नहीं कर रहे हैं तथा पॉजिटिव होने पर भी बाहर घूम रहे हैं, ऐसे लोगों पर कार्रवाई करें तथा इसका कड़ाई से पालन किया जाना चाहिए। इसके लिए पुलिस तथा अन्य अधिकारियों की मदद लेकर कार्य करें। पॉजिटिव आने वाले मरीजों के घरों के सामने मार्किंग करें।

जिन घरों में पॉजिटिव मरीज आ रहे हैं और होम आइसोलेशन के मापदण्ड के अनुसार सुविधा नहीं है ऐसे मरीजों को कोविड केयर सेंटर में रखना सुनिश्चित करें। जिन गांवों में एक-दो केस है वहां मरीजों को कोविड केयर सेंटर में रखें साथ ही अधिक केस आने वाले गांवों में कोविड केयर सेंटर बनाकर सभी मरीजों को रखा जाए। जिससे पूरे गांव को संक्रमित होने से बचाया जा सके। ऐसे गांव जहां कोविड-19 के केस नहीं है उन गांवों में मनरेगा के कार्य सुनिश्चित करें। वन क्षेत्रों में तेन्दूपत्ता संग्रहण तथा विक्रय का कार्य किया जाएगा। उन स्थानों पर कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य है। इन जगहों में भीड़ नहीं होनी चाहिए।

डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी ने कहा कि सर्दी, खांसी, बुखार तथा प्राथमिक कॉन्टेक्ट वाले नागरिकों का सैम्पलिंग करें। होम आइसोलेशन की पात्रता उन्हीं को दिया जाए जो प्रोटोकॉल मापदण्ड के अनुसार आते हैं। होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के परिजन घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए।

लक्षण वाले मरीज जो निगेटिव आ रहे हैं उन्हें दवाईयों का किट दें। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत अजीत वसंत, अपर कलेक्टर सीएल मारकण्डेय, नगर निगम आयुक्त आशुतोष चतुर्वेदी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मिथलेश चौधरी, एसडीएम राजनांदगांव मुकेश रावटे सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे। वीडियो कान्फ्रेस के जरिए सभी एसडीएम, जनपद सीईओ, सीएमओ एवं बीएमओ जुड़े रहे।

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