कलेक्टर ने की ई-कोर्ट, लोक सेवा गारंटी एवं भू-अर्जन के प्रकरणों की समीक्षा

मनीष शर्मा:

मुंगेली: कलेक्टर डी. सिंह ने पिछले शुक्रवार को कलेक्टोरेट स्थित मनियारी सभाकक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कामकाज की समीक्षा की। उन्होने विवादित, अविवादित नामांतरण बंटवारा, सीमांकन, भू-अर्जन, भू-बंटन, लोक सेवा गारंटी के लंबित आवेदन पत्रों को समय सीमा के भीतर निराकरण करने समस्त राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों और तहसीलदारों को निर्देश दिये।

राजस्व अधिकारियों के प्रति नाराजगी

उन्होने राजस्व अधिकारियों से कहा कि शासन के निर्देशों के अनुपालन में हर गांवों में गौठान के लिए जमीन चिन्हित करना सुनिश्चित करें। ई-कोर्ट के प्रकरण लंबित होने के कारण राजस्व अधिकारियों के प्रति नाराजगी व्यक्त की।

कलेक्टर सिंह ने सामुदायिक वन अधिकार के 2319 प्रकरणों को ग्राम सभा में रखे जाने हेतु राजस्व अनुविभागीय अधिकारियों को निर्देश दिये। उन्होने समस्त एसडीएम को निर्देशित किया कि पटवारी बस्ता का निरीक्षण अवश्य करें।

टूर डायरी प्रस्तुत करना राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये गये। समीक्षा के दौरान विवादित एक वर्ष से अधिक के 35 प्रकरण लंबित पाये गये। उन्होने एसडीएम और तहसीलदारों से शिकायतों के विभिन्न लंबित आवेदनों के निराकरण हेतु निर्देशित दिये।

नक्शा, बटांकन, प्राकृतिक आपदा के वार्षिक रिपोर्ट की जानकारी

बैठक में नक्शा, बटांकन, प्राकृतिक आपदा के वार्षिक रिपोर्ट की जानकारी ली। कलेक्टर ने जाति, निवास प्रमाण पत्र जारी किये जाने हेतु राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिये। लोक न्यास, भू-अर्जन, भू-बंटन, उच्च न्यायालय में लंबित आवेदनों की जानकारी ली। उन्होने पूर्व सरपंचों से बकाया वसूली की कार्यवाही हेतु राजस्व अधिकारी को निर्देश दिये। अधीक्षक भू-अभिलेख से फसल एवं अनावारी रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त की।

कलेक्टर ने विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता सूची में नये मतदाताओं का नाम जोड़ने, काटने एवं संशोधन कार्य की समीक्षा की। उन्होने तहसीलदारों से कहा कि मतदान केंद्रों में बीएलओ और अभिहित अधिकारी की उपस्थिति सुनिश्चित हो। तहसीलदारों ने बताया कि अभिहित अधिकारी मतदान केंद्रों में उपस्थित हो रहे है।

मतदाता सूची में नाम जोड़ने, काटने का काम जारी है। उन्होने राजस्व अधिकारियों से कहा कि धान खरीदी केंद्रों में पटवारियों और ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करायें तथा स्वयं उपार्जन केंद्रों का सतत निगरानी रखें, ताकि कोचिये, बिचोलियों अवैध रूप से धान बिक्री न कर सके।

बैठक में अपर कलेक्टर राजेश नशीने, एसडीएम पथरिया डॉ. आराध्या कमार, डिप्टी कलेक्टर द्वय आरके तम्बोली, आरआर चुरेंद्र सहित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, अधीक्षक भू-अभिलेख उपस्थित थे।

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