छत्तीसगढ़राज्य

सराहनीय पहल :इस शासकीय स्कूल ने शाला त्यागी बच्चों के लिए लगायी गई विशेष कक्षाऐं

ओपन स्कूल की परीक्षा देंगे बच्चे

रायपुर:पढ़ाई में फेल होने की कुंठा और मन में पैदा होने वाली मानसिक अवस्था प्रायः बच्चों को पढ़ाई से दूर कर देती है। फुण्डहर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल ने ऐसे बच्चों को फिर से पढ़ाई से जोड़ने के लिए अभिनव पहल की है। स्कूल में कक्षा 9 वीं की परीक्षा, ओपन स्कूल के जरिए देने वाले बच्चों के लिए अलग से कक्षा लगाकर उनकी पढ़ाई को इंतजाम किया गया है।

दरअसल ये बच्चे फुण्डहर स्कूल में पढ़ते थे, लेकिन पहली बार कक्षा 9 वीं में सफलता नहीं मिली। तब इन बच्चों ने अपनी दिक्कत स्कूल में बताई। स्कूल के शिक्षकों और शाला प्रबंधन समिति के मध्य ऐसे ग्यारह बच्चों को पढ़ाई से जोड़ने के लिए कई मुद्दों पर विचार हुआ और निर्णय लिया गया है। इन्हें ओपन स्कूल से जोड़कर घर में रहकर पढ़ाई निरंतर जारी रखी जाए, लेकिन बच्चों ने इसे पसंद नही किया। कक्षा में पढ़ाई की अपेक्षा घर में बैठकर पढ़ना नीरस और उबाऊ लगता था। फिर स्कूल प्रबंधन ने स्कूल की तरफ से इन बच्चों को कक्षाओं में बैठने की व्यवस्था की गई। यहां भी इन बच्चों को अपने से जूनियर बच्चों के साथ बैठने में झिझक होने लगी और बच्चें कक्षाओं से गायब होने लगे।

स्कूल ने फिर रणनीति बदली, ऐसे बच्चों के लिए अलग कक्षा और दो निजी शिक्षकों की व्यवस्था करने का निर्णय लिया, लेकिन यहां भी दिक्कत आई। इस कार्य के लिए बच्चे कम थे इस लिए बाहर से शिक्षकों के लिए वेतन का इंतजाम नहीं हो पर रहा था। स्कूल ने इन बच्चों की दिक्कत दूर करने के लिए फिर हल निकाला। प्राचार्य और शिक्षकों ने अतिरिक्त समय में इन बच्चों के लिए अलग से कक्षा संचालित कर पढ़ाई की व्यवस्था की। शाला प्रबंधन समिति ने भी इस कार्य में भरपूर सहयोग दिया।

स्कूल के शिक्षकों की यह पहल कामयाब हुई और बच्चें मन लगाकर पढ़ने लगे। 50-50 मिनट की कक्षाओं मंे इन बच्चों पर पूरा ध्यान केन्द्रित किया गया। ये बच्चे अब कक्षा 9 की परीक्षा ओपन स्कूल के जरिए देंगे। गरीब परिवारों के इन बच्चों को यदि पढ़ाई से जोड़ने की पहल नहीं की जाती तो शायद ये बच्चे गलत राह पकड़ लेते। आज उम्मीद बंधी है कि ये बच्चे अपनी पढ़ाई पूरी करेंगे और देश के अच्छे नागरीक बनेंगे।

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