छत्तीसगढ़

आयुक्त कुजूर ने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई यंत्र उपलब्ध कराने प्राप्त आवेदनों का निराकरण करने के निर्देश दिए

अधिकारियों और निर्माताओं-वितरकों की बैठक

रायपुर : राज्य शासन के कृषि विभाग के अपर मुख्य सचिव एवं कृषि उत्पादन आयुक्त सुनील कुजूर ने किसानों को सूक्ष्म सिंचाई यंत्र और अन्य कृषि उपकरण उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई नई व्यवस्था ’चैम्प्स’ के तहत प्राप्त आवेदनों का तत्काल निराकरण करने के निर्देश दिए हैं। कुजूर ने आज छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के सभाकक्ष में अधिकारियों और सूक्ष्म सिंचाई यंत्र और कृषि उपकरण के निर्माताओं तथा वितरकों की बैठक ली। कुजूर ने बैठक में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की प्रगति की भी समीक्षा की।

कुजूर ने बैठक में सबसे पहले चैम्प्स में ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत किसानों से प्राप्त आवेदनों पर अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों और पंजीकृत निर्माताओं को निर्देशित करते हुए कहा कि चैम्प्स के अंतर्गत प्राप्त आवेदनों का शत-प्रतिशत निराकरण सुनिश्चित किया जाए। लंबित आवेदनों में समस्त औपचारिकताएं पूरी कर किसानों को यंत्र और उपकरण वितरित करने की कार्रवाई जल्द से जल्द की जानी चाहिए।

एरीगेशन एसोसिएशन ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ चेप्टर के अध्यक्ष सुनील मारदा ने बैठक में कहा कि किसानों से प्राप्त आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में इस संबंध में और अधिक सजगता से कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि चैम्प्स के तहत किसानों को सूक्ष्म सिंचाई यंत्र और कृषि उपकरण उपलब्ध कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। इससे आवेदनों के निराकरण की गति तेज हुई है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत कम लक्ष्य प्राप्त हुए हैं।

अपर मुख्य सचिव कुजूर ने बैठक में कहा कि सूक्ष्म सिंचाई योजना का लक्ष्य कम नहीं किया जाना चाहिए। यह योजना किसानों के लिए वरदान साबित होगी। कम पानी में भी सूक्ष्म सिंचाई योजनाओं जैसे स्प्रिंकलर और ड्रिप सिस्टम से अधिक रकबे में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जा सकती है। कुजूर ने ड्रिप सिंचाई योजना की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए इसके कारणों की समीक्षा की। बैठक में उपस्थित नेटाफिम एरीगेशन कम्पनी के प्रतिनिधि ने बताया कि ड्रिप सिस्टम लगाने का कार्य फसल कटाई के बाद शुरू होता है। फसल कटाई के बाद इस योजना में प्रगति आ रही है। उन्होंने बताया कि जिला खनिज निधि से किसानों को सहायता प्राप्त होने पर ड्रिप सिस्टम से संबंधित अधिक प्रकरण तैयार हो सकेंगे।

बैठक में छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के प्रबंध संचालक आलोक अवस्थी, मंडी बोर्ड के प्रबंध संचालक अभिजीत सिंह, अपर संचालक कृषि (अभियांत्रिकी) एवं प्रभारी चैम्प्स डी.डी. मिश्रा, अपर संचालक कृषि एस.आर. रात्रे तथा संयुक्त संचालक कृषि आर.के. सिंह सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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