आरंग में होली मिलन कार्यक्रम फाग गीतों एवं भवनों व काव्य पाठ के द्वारा सम्पन्न

दीपक वर्मा आरंग:

आरंग: कौशल साहित्य कला मंच के तत्वाधान में बागेश्वर नाथ मंदिर आरंग में होली मिलन कार्यक्रम रविवार को फाग गीतों एवं भवनों व काव्य पाठ के द्वारा सम्पन्न हुआ। मंच के सदस्यों ने वैदिक मंत्रों के साथ भोलेनाथ का जलाभिषेक किया तत्पश्चात कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्र गान के साथ हुई।

मंच के अध्यक्ष विनोद गुप्ता ने सभी को होली पर्व की बधाई देते हुए कहा कि होली सदभावना का पर्व है। डॉ तेजराम जलछत्री ने फ़ाग गीत व भजन “साँवरे को दिल मे बसा के देख” बृजेष सोनी ने “भोले तेरी जटा में ” गीत प्रस्तुत किया।

वही गीतांजलि योगी, सावित्री सोनकर व धनेश्वरी साहू ने ढोलक की थाप में “फागुन तिहार पहुना बन के आये” फ़ाग गीतों से सबका मन मोह लिया। कवि जी आर टंडन ने “तोर चिक्कन चिक्कन गाल” प्रतीक टोन्द्रे ने “आये है होली तिहार” व संचालन कर रहे कवि अरविन्द वैष्णव ने ” नदी नाले हो गए रंगों से सरोबार” कविताओं से समा बाँधा।

वाद्य यंत्रों के साथ बागेश्वर नाथ की आरती कर प्रसाद वितरण किया गया। आभार प्रदर्शन करते हुये हरीश दीवान ने मंच की गतिविधियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि होली बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है।

इस अवसर पर राहुल जोशी, तुषार भार्गव, अभिषेक तिवारी, माणिकलाल मिश्रा, संतोष सोनी, सुशील गोस्वमी, सतीश अग्रवाल, रामकुमार गुप्ता, दिलीप जलछत्री, मदन गोपाल गुप्ता, रमन जलछत्री, ओंकार यादव, गजानन यादव आदि साहित्य प्रेमी जनों की उपस्थिति रही ।

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