छत्तीसगढ़

पढना लिखना अभियान के तहत तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण सम्पन्न स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका एवं प्रौढ़ मनोविज्ञान के संबंध में विषय विशेषज्ञों ने दी जानकारी।

प्रशिक्षण में प्रशांत कुमार पाडेण्य सहायक संचालक राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर द्वारा कार्यक्रम की रूप रेखा एवं भूमिका पर व्यापक चर्चा करते हुए बताया गया

ब्यूरो चीफ : विपुल मिश्रा
संवाददाता : शिव कुमार चौरसिया

बलरामपुर 30 दिसम्बर 2020/ राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर द्वारा दिये गये निर्देश तथा कलेक्टर बलरामपुर-रामानुजगंज श्याम धावड़े एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत हरीष एस. के नेतृत्व में ‘‘पढ़ना लिखना अभियान‘‘ के सफल क्रियान्वयन हेतु दिनांक 28, 29 एवं 30 दिसम्बर 2020 को तीन दिवसीय स्त्रोत व्यक्ति एवं कुशल प्रशिक्षकों का ऑनलाइन गैर आवासीय प्रशिक्षण जिला मुख्यालय बलरामपुर के स्वान कक्ष में प्रातः 10ः30 बजे से 05ः30 बजे तक आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण के प्रथम दिवस दिनांक 28 दिसम्बर 2020 को पढ़ना लिखना अभियान का परिचय, प्रशिक्षण से अपेक्षाएं, स्त्रोत प्रशिक्षकों की भूमिका, वातावरण निर्माण, स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका एवं प्रौढ़ मनोविज्ञान के संबंध में विषय विशेषज्ञों द्वारा विस्तार से जानकारी प्रदान किया गया।

प्रशांत कुमार पाडेण्य सहायक संचालक

प्रशिक्षण में प्रशांत कुमार पाडेण्य सहायक संचालक राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण रायपुर द्वारा कार्यक्रम की रूप रेखा एवं भूमिका पर व्यापक चर्चा करते हुए बताया गया कि प्रत्येक प्रशिक्षण में हर व्यक्ति कुछ न कुछ नया सीखता है। व्यक्ति आजीवन एक विद्यार्थी होता है और सीखना चाहे तो कुछ न कुछ निरंतर नया सीख सकता है। इसके साथ ही पढ़ना लिखना अभियान क्या है, साक्षरता क्या है और आज के परिपे्रक्ष्य में क्यों जरूरी है तथा विशेष रूप से अभी कोरोना काल में क्यों आवश्यक है। इस पर प्रतिभागियों से उनके विचार लेते हुये व्यापक चर्चा की गई।

प्रशिक्षण के दूसरे दिन पढ़ना लिखना अभियान में वातावरण निर्माण स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका, प्रौढ़ मनोविज्ञान पर सारगर्भित व रोचकर गतिविधयों का समावेश किया गया। राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण के सहायक संचालक एवं पढ़ना लिखना अभियान के नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार पाण्डेय द्वारा प्रशिक्षण का पुनरावलोकन किया गया।

सहायक संचालक डाॅ. एम. सुधीश

समग्र शिक्षा के सहायक संचालक डाॅ. एम. सुधीश ने प्रौढ़ शिक्षा में नवाचारी गतिविधियों को बहुत ही उम्दा तरीके से पावर प्वाईंट के माध्यम से तथा सहभागिता के साथ विभिन्न उदाहरणों का समावेश कर रोचक अंदाज में अपनी बात रखी। इसी क्रम में यूनिसेफ प्रतिनिधि डाॅ. मनीषा वत्स ने इस अभियान के लिए साक्षरता किताब के तहत प्रवेशिका आखर झापी का परिचय प्रस्तुत किया।

डाॅ. मनीषा वत्स ने पठन-पाठन की गतिविधियों में लिखने को रेत के माध्यम से, पढ़ने को कार्ड के माध्यम से तथा गणित का ज्ञान पेंड़ की पत्तियों व कंकड़ों का उपयोग कर व्यवहारिक उदाहरणों से एवं रोल प्ले का प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट किया। माॅनिटरिंग प्रबंधन एवं सूचना तंत्र व मूल्यांकन संबंधी जानकारी उमेष जायवाल तथा कक्षा संचालन की जानकारी धारा यादव के द्वारा दिया गया।

पढ़ना लिखना अभियान के तहत आयोजित स्त्रोत व्यक्ति/कुशल प्रशिक्षकों का तीन दिवसीय गैर आवासीय ऑनलाइन प्रशिक्षण ओम प्रकाश गुप्ता जिला परियोजना अधिकारी, जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण, बलरामपुर-रामानुजगंज के निगरानी व उपस्थिति में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण में जिले के समस्त विकास खण्ड परियोजना अधिकारी एवं स्त्रोत व्यक्ति/कुशल प्रशिक्षक सम्मिलित हुये।

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