पूरी तरह से एनसीपी प्रमुख को समर्पित मुखपत्र सामना, कर रहा कांग्रेस की तारीफ

देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा

मुंबई: शिवसेना ने अपने मुखपत्र सामना में सोनिया गांधी और कांग्रेस को आघाड़ी का हिस्सा बनने के लिए एनसीपी प्रमुख शरद पवार को पूरा श्रेय दिया है. शरद पवार ने अगुवाई नहीं की होती तो आज महाराष्ट्र में परिवर्तन नहीं हुआ होता.

इस तरह की किसी सरकार का निर्माण हो सकता है, इस पर प्रारंभ में शरद पवार भी विश्वास करने को तैयार नहीं थे. शरद पवार पहले सोनिया गांधी से मिले तब सोनिया गांधी ने भी यह प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया.

शिवसेना के साथ कैसे जाएं? ये उनका पहला सवाल था तथा अल्पसंख्यकों व हिंदीभाषी क्षेत्र में क्या प्रतिक्रिया होगी? ऐसी आशंका उन्होंने व्यक्त की. वहीं सामाना के कार्यकारी संपादक संजय राउत द्वारा लिखे गए इस लेख में देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधा गया

लेख में लिखा है, महाराष्ट्र में विपक्ष शेष नहीं रहेगा तथा पवार की राजनीति खत्म हो चुकी है, ऐसी हास्यास्पद बातें श्री देवेंद्र फडणवीस ने की थी. यह उन्हीं पर उल्टी पड़ गई. उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री बन गए. पवार ने जो उनके मन में था, वो करके दिखा दिया. ये अच्छी शुरुआत है.

शरद पवार ने सोनिया गांधी से कहा, बालासाहेब ठाकरे व इंदिरा गांधी के मधुर संबंध थे. आपातकाल के बाद महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के दौरान शिवसेना ने कांग्रेस के विरोध में उम्मीदवार खड़े नहीं किए.

प्रतिभाताई पाटील और प्रणव मुखर्जी इन राष्ट्रपति पद के ‘कांग्रेस’ उम्मीदवारों को शिवसेना समर्थन दे इसलिए आप हम स्वयं बालासाहेब ठाकरे से मिले थे. मुंबई के हिंदीभाषी शिवसेना को वोट देते हैं इसलिए महानगरपालिका में शिवसेना की सत्ता आती रही है, ऐसी जानकारी श्री पवार ने सोनिया को दी.

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